
जांजगीर। जिले में शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी हकीकत परखने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) गोकुल रावटे ने जनपद पंचायत नवागढ़ और पामगढ़ के विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की कछुआ चाल पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान सीईओ रावटे ने नवागढ़ जनपद के सुकली, अकलतरी, अमोदा, भादा और गाड़ापाली ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने पामगढ़ जनपद के बारगांव, भवतरा और भदरा पंचायतों में पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों और शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद कर योजनाओं का लाभ मिलने में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के निरीक्षण के दौरान सीईओ ने निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके मकानों की गुणवत्ता जांची। कई स्थानों पर आवासों का काम अधूरा और धीमी गति से चलता देख उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित आवासों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। हितग्राहियों के भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जिले में चल रहे जल संरक्षण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
सीईओ ने चेक डैम और सोखता गड्ढों का स्थल निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से कहा कि इन संरचनाओं को केवल औपचारिकता के लिए न बनाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि इन कार्यों को स्थायी समाधान के रूप में विकसित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। निरीक्षण के अंत में गोकुल रावटे ने स्पष्ट किया कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या काम में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
















