इस्लामाबाद। बालाकोट एयर स्ट्राइक और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव है। इस बीच, 23 सितंबर को पाकिस्तान के एयरस्पेस में ऐसी स्थिति बनी, जिससे यह तनाव कई गुना बढ़ सकता था। दरअसल, स्पाइसजेट की फ्लाइट ने नई दिल्ली से काबुल के लिए नियमित उड़ान भरी थी। अपने तय रूट पर इसे पाकिस्तान एयरस्पेस का उपयोग करते हुए सफर तय करना था। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने जैसे ही पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश किया, पाकिस्तान के लड़ाकू F-16 विमानों ने उसे घेर लिया।

लड़ाकू विमान के पायलट्स ने स्पाइस जेट के पायलट को इशारा किया कि वह विमान की ऊंचाई कम करे। इस दौरान दोनों पायलट्स की बात भी हुई। स्पाइस जेट के पायलट ने बताया कि यह एक रुटिन कमर्शियल फ्लाइट है, जिसमें 120 यात्री सवार हैं। फ्लाइट में मौजूद कुछ यात्रियों ने भी यह पूरा घटनाक्रम देखा, क्योंकि उनके आसपास लड़ाकू विमान मंडरा रहे थे। एक घंटे तक यह ऐसा ही चलता रहा, जिसके बाद स्पाइश जेट की फ्लाइट अफगानिस्तान में प्रवेश कर सकी।

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पाकिस्तान एयर ट्रैफिक कंट्रोलर यानी एटीसी की गलती है। दरअसल, हर फ्लाइट का एक कोड होता है। स्पाइस जेट की इस फ्लाइट का कोड SG-21 था, लेकिन पाकिस्तान एटीसी ने इसे गलती से IA यानी इंडियन एयरफोर्स या इंडियम आर्मी समझ लिया।

पाकिस्तान एटीसी ने जानकारी दी कि भारत से एक विमान आ रहा है जिसका कोड IA है तो वहां की वायुसेना हरकत में आ गई और अपने लड़ाकू F-16 विमान रवाना कर दिए।

जब कनफ्युजन दूर हो गया तब स्पाइज जेट के विमान को जाने दिया गया। डीजीसीए के एक अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान सीमा तक पाकिस्तान के लड़ाकू विमान इस प्लेन का पीछा करते रहे। आखिरकार फ्लाइट ने काबुल में सुरक्षित लैडिंग की, लेकिन इस घटनाक्रम के कारण वापसी में 5 घंटे देरी से लौटी।