उत्तराखंड में देर रात केदारनाथ हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो मोटर साइकिल व एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में जा गिरी। जिसमें तीन लोगों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं कई लोग लापता थे।

पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम सुबह होते ही फिर रेस्क्यू में जुट गई है। इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने पांच और शव बरामद किए। पुलिस शवों की शिनाख्त में लगी हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि यह संख्या अभी और बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात गौरकुंड हाईवे पर भूस्खलन प्रभावित जोन चंडीकाधार में चट्टान का बड़ा हिस्सा (बोल्डर) टूट गया, जिसकी चपेट में आकर दो मोटर साइकिल पर सवार पांच सवारियां और एक कार गहरी खाई में जा गिरी।

स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। तीन गंभीर घायलों को खाई से निकाल एंबुलेंस हेल्पलाइन 108 की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनप्रयाग पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इससे पहले हल्द्वानी में भी शनिवार देर रात काठगोदाम-हैड़ाखान मार्ग पर रौसिल गांव के पास शनिवार रात करीब आठ बजे रामलीला देखने जा रहे लोगों से भरी पिकप करीब 10 फीट गहरी खाई में गिरकर पेड़ से अटक गई। हादसे में दो बालकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 15 अन्य घायल हो गए। तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे में खष्टी देवी (55), दीपांशु (12 ) और प्रकाश चंद (11) की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही काठगोदाम थानाध्यक्ष नंदन सिंह मेहता तीन उपनिरीक्षकों और सात सिपाहियों को लेकर रेस्क्यू में जुट गए और घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से बेस और एसटीएच में भर्ती कराया गया।

एसटीएच में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी टीम के साथ और बेस अस्पताल में भी डाक्टरों की टीम इलाज में जुटी रही। थानाध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि चालक वीरेंद्र सिंह मेहता भी चोटिल हो गया था।