सक्ती। नगर के खेल मैंदानों को संरक्षित करने के तरफ स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मैदान होने के बाद भी खिलाडिय़ों इसका लाभ नहीं मिल रहा है। शहर में खेल-कूद के लिए कई स्थान एवं मैदान है, परन्तु मुख्य रूप से नगर के बुधवारी बाजार स्थित पं. दीनदयाल स्टेडियम एवं पं. जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय का मैदान है। नन्देली में भी मैदान है, परन्तु वह नगर से काफी दूर है। जिससे शहर के बच्चों द्वारा इन्ही दो मैदानों में सुबह एवं शाम को खेलकूद की अभ्यास किया जाता है। परन्तु प्रशासन द्वारा इन मात्र बचे मैदान के संरक्षण के लिये कुछ नही किया जाता है। वार्ड नं 5 कालेज ग्राउण्ड में लगातार कुछ न कुछ निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे नगर के मध्य स्थित यह मैदान छोटा होता जा रहा है। इसी प्रकार पं दीनदयाल स्टेडियम में राजनितिक, सामाजिक एवं त्यौहारी तथा मेले से लेकर विभिन्न प्रकार आयोजन किया जाता है जिससे बार-बार खुदाई होने से यह मैदान भी उबड-खाबड़ जैसी स्थिति में आ गई है। मैंदान समतल नहीं होने के कारण खिलाड़ी गिरकर चोटिल होते हैं। इस मैदान में बुजुर्ग सहित सभी वर्ग के लोग सुबह-सुबह दौड़ लगाने व टहलने के लिए पहुंचते हैं। दिपावली पर्व के दौरान अभी हाल ही में मैदान में फाटाखों की स्टाल लगाई थी जिससे मैंदान में जगह जगह पर गडृढे हो गए है। कई बार बड़े आयोजन होने के बाद पालिथीन सहित कई प्रकार के कचरे वहां इक_े हो जाते हैं जिसकी साफ-सफाई महीनों तक नही किया जाता है।