कोरबा। सड़क दुर्घटना में अपना एक बांह और पैर के क्षतिग्रस्त होने के बाद बैशाखी के सहारे पर लंबे समय से जी रहे एक ग्रामीण ने जिंदगी से उब कर लाइलोन की रस्सी से अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। पसान थाना अंतर्गत ग्राम भलवाटिकरा निवासी जयपाल सिंह सरौत उम्र ४८ पिता स्व.चंदर सिंह सरौता ५ माह पूर्व साइकिल से घर आते वक्त दुर्घटना का शिकार हो गया था। जिससे की उसका एक पैर व बांह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। इस वजह से उसे बैशाखी का सहारा लेना पड़ा था। इस कारण वह काफी परेशान रहा करता था। काफी दवा- उपाचार कराने के बाद भी उसे बगैर बैशाखी का सहारा नहीं मिलने से वह परेशान रहता था। इसी वजह से वह अपनी जिंदगी से उब गया था। कल शाम ४ बजे वह अपने कमरे में लायलोन की रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर झूल गया। सुबह इस घटना की जानकारी उसी के परिवार के चचेरे भाई भयंकर प्रसाद सरोता उम्र ३२ पिता इंद्रपाल सरोता को हुई तो उसने पसान थाना पहुंचकर टीआई लीलाधर राठौर को दी। पसान पुलिस ने सूचक द्वारा सूचना दिए जाने पर मर्ग क्रमांक १०९/१९ एवं जाफ्ता फौजदारी की धारा १७४ के तहत मर्ग कायम कर मृतक के शव को पीएम के लिए पंचनामा कार्रवाई के उपरांत स्थानीय पीएचसी के चीरघर भिजवा दिया।