जांजगीर-चांपा। प्रदेश में नई सरकार के बनने के बाद जिला मुख्यालय के विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है। नगर सरकार पूर्व मेें मंजूर कार्यों को नहीं करा सकी, जिसके कारण लगभग साढ़े सात करोड़ के 128 अप्रारंभ कार्यों पर सरकार ने रोक लगा दी थी। दोबारा जब सरकार ने प्रस्ताव मांगा तो इस अवधि में परिषद की बैठक में दो बार प्रस्ताव पारित किया कि अप्रारंभ कार्यों को प्रारंभ करने की अनुमति सरकार से मांगी जाए, पर प्रस्ताव शासन के पास नहीं भेजा। अब प्रस्ताव भेज भी दिए होंगे तो काम नहीं हो सकेंगे क्योंकि अगले माह के पहले सप्ताह में निकाय चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी।
पूर्व राज्य सरकार ने चुनाव से पहले नगर के विकास के लिए बड़ी संख्या में नगर के वार्डों में नालियां व सीसी रोड, मुख्य मार्ग में नाली, नेताजी चौक से लेकर आउटर तक नाला आदि सहित सवा सौ से अधिक कार्यों की मंजूरी दी थी। इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपए मंजूर भी किए गए। सरकार ने नगर पालिका के खाते में पैसे भी ट्रांसफर कर दिए, टेंडर भी हुआ, ठेकेदार भी तय हो गए किंतु नगर विकास की बात करने वाले जनप्रतिनिधियों की गैर जिम्मेदारी व अधिकारियों की लापरवाही के कारण ठेकेदारों पर दबाव नहीं बना और काम ठेका में लेने के बाद भी ठेकेदारों ने काम नहीं किया। इसके कारण 128 काम तो शुरू ही नहीं हो सके। सरकार बदलने के बाद नई सरकार ने प्रदेश के सभी निकायों से अप्रारंभ कार्यों की जानकारी मांगी तो अधिकारियों ने यही डेटा भेज दिया। राज्य सरकार ने इन सभी कार्यों को प्रारंभ करने पर रोक लगा दी।