जांजगीर-चांपा। भाजपा मंडल पामगढ़ का चुनाव विवादों में फंसते जा रहा है। गुटबाजी व ऊपर के दबाव के कारण यहां तीन बार तिथि तय की गई और दो बार चुनाव स्थगित कर दिया। अब शनिवार को नई तारीख तय की गई है।
पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में दो ग्रामीण मंडल मुलमुला और पामगढ़ तथा एक नगर मंडल शिवरीनारायण सहित तीन मंडल आते हैं। मुलमुला मंडल और शिवरीनारायण नगर मंडल के अध्यक्ष का चुनाव तो हो गया है। सूत्रों के अनुसार इन दोनों मंडलों में पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े के समर्थक अध्यक्ष नहीं बन सके। मामला पामगढ़ मंडल पर आकर अटक गया है, यहां वे अपने किसी समर्थक को मंडल अध्यक्ष बनाना चाहेंगे। इस मंडल में अध्यक्ष बनने के लिए कई लोग दावेदार हैं, लेकिन उन दावेदारों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है, क्योंकि ऐसे कई लोगों पर विधान सभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप कार्यकर्ता लगा रहे हैं तो कुछ नेताओं पर लोक सभा चुनाव में पार्टी के लिए काम करने के बजाय घर बैठ जाने का आरोप है। चुनाव में भीतरघात करने के ज्यादातर आरोप विधान सभा चुनाव के दौरान लगे थे, जिन पर अप्रत्यक्ष आरोप लगे हैं, उनमें से ही कुछ लोग मंडल अध्यक्ष के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इसलिए यहां तीन बार चुनाव की तारीख स्थगित हो चुकी है। 31 नवंबर को चुनाव कराने की सूचना थी उसी इसलिए बदला गया कि 50 प्रतिशत बूथों का चुनाव नहीं हुआ है। इसे बदल कर 7 नवंबर किया गया। बताया जाता है कि बड़े नेता भी अब रूचि लेने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि बड़े नेताओं ने एक-दो नाम बढ़ाए थे, जिस पर कार्यकर्ताओं ने भीतरघात का आरोप लगाते हुए ऐसे लोगों को संगठन की बागडोर देने से मना कर दिया। इस वजह से दो बार स्थगित करना पड़ा।