अति संवेदनशील-संवेदनशील इलाकों पर रहेगी पैनी नजर 0 प्रभारी पुलिस कप्तान मातहतों से पल-पल का ले रहे संज्ञान
कोरबा। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायमूर्तियों की पीठ द्वारा मुख्य न्यायमूर्ति रंजन गगोई की अध्यक्षता में आज सुबह राम जन्मभूमि मामले में फैसला सुनाए जाने के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य के पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद कोरबा जिला पुलिस ने शहरी एवं उप नगरीय क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है। संवेदनशील-अति संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखते हुए जिले के प्रभारी कप्तान उदय किरण आईपीएस द्वारा मातहतों से पल-पल की स्थिति के साथ संज्ञान पुलिस कंट्रोल रूम में लिया जा रहा है।
राम जन्मभूमि मामले में फैसले के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य के पुलिस मुख्यालय द्वारा विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। जिसके तहत किसी भी इलाके में मामले में फैसले के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो सके इसलिए संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां पर्याप्त जिला पुलिस बल के जवानों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवानों, नगर सेना के जवानों को तैनात करने के अलावा जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) के निर्देशानुसार प्रत्येक थाना क्षेत्र में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं पुलिस के राजपत्रित अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। इसके साथ ही अपने-अपने क्षेत्र की शांति व्यवस्था की पल-पल की रिपोर्टिंग कलेक्टोरेट एवं पुलिस कार्यालय के कंट्रोल रूमों को देते रहेंगे।
बताया जाता है कि कोरबा रेलवे स्टेशन, मेन रोड, पीएच रोड, टीपी नगर, सीएसईबी चौक, बुधवारी, दर्री बाजार, मेन रोड कटघोरा, मेन रोड पाली, भैसमा, उरगा, रजगामार, कुसमुंडा, बांकी, दीपका, करतला, बालकोनगर आदि तमाम इलाकों में जिला बल, बांगो बटालियन, बिलासपुर से बुलाई गई सकरी बटालियन के जवानों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे तैनात किया गया है। संदिग्ध अवांछित तत्व किसी भी तरह के विघ्रसंतोषी हरकत को वारदात न दे सके इसलिए पुलिस के जवान वर्दी एवं सादे वेश में उन पर पैनी नजर रखे हुए है।
कलेक्टोरेट में हुई शांति समिति की बैठक
जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने दोपहर 12 बजे शांति समिति की बैठक आयोजित किया गया। जिसमें जिले के प्रमुख अधिकारी, पुलिस विभाग के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख लोगों की बैठक लेकर उन्हें शांति एवं सौहाद्र्र बनाए रखने की समझाईश दी गई। कोरबा जिला शांति का टापू माना जाता है इसलिए यहां के लोगों से पूर्व की भांति वर्तमान समय में भी आपस में अमन चैन बनाए रखने की प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने अपील भी की है।
शराब बिक्री पूरी तरह से रहेगी प्रतिबंधित
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती किरण कौशल ने जिले के शहरी एवं उपनगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आज सुबह से ही कल सुबह 11 बजे तक के लिए देशी-विदेशी हर तरह की शराब बिक्री को प्रतिबंधित करते हुए आदेश जारी कर दिया है। यदि ऐसे में कोई शराब बिक्री प्रतिबंधित आदेश के बाद भी करते पाया गया तो उसके उपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर-मस्जिदों के पास पुलिस बल तैनात
इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती कौशल के द्वारा जारी आदेश के बाद जानकारी देते हुए प्रभारी कप्तान उदय किरण ने बताया कि मंदिर-मस्जिदों के आसपास पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिससे कि कहीं भी किसी तरह की अप्रिय वारदाता की स्थिति पैदा न हो सके। इसके साथ ही एडीएम एवं एसडीएम स्तर के प्रशासनिक अधिकारी तथा पुलिस विभाग के सीएसपी, डीएसपी, एसडीओपी स्तर के राजपत्रित पुलिस अधिकारी भी लगातार पेट्रोलिंग करते हुए अपने-अपने इलाके की शांति व्यवस्था पर बराबर नजर रखेंगे।
पटाखा बेचने व फोडऩे पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रभारी कप्तान श्री किरण ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह से लेकर देर रात्रि एवं कल सुबह तक किसी भी दुकानदार द्वारा पटाखा बिक्री किए जाने तथा किसी के भी द्वारा छोटे-बड़े किसी भी तरह के पटाखा फोडऩे के मामले को नियम विरूद्ध माना जाएगा। यदि पटाखा बिक्री करने और पटाखा फोड़ते हुए किसी को पाया गया तो उसके विरूद्ध 5 विस्फोटक अधिनियम के अलावा सख्त भादवि की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए उनके द्वारा अपील की जा रही है कि शांति एवं सौहाद्र्र बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं पुलिस के साथ हर कोई कंधा से कंधा मिलाकर सामंजस्य बनाए रखें।