कोरबा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी योजना कोरबा विकासखंड के जवाबदार अधिकारी एवं कर्मचारियों के चलते निर्माण कार्य मे लेटलतीफी का कारण बनी है। जहां फंड की भी कमी एक कारण है, वहीं निर्माण कार्य में सरपंच-सचिव कर्ज तले डूबे हुए है जिसकी मुख्य वजह जिला प्रशासन अधिकारियों की उदासीनता बताई जा रही है।
कोरबा विकासखंड के पसरखेत, फुलसरी, लबेद, गुरमा, बरपाली, गेराव आदि ग्राम पंचायतों में शासन के महत्वाकांक्षी योजना के तहत गौठान निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसमें निर्माण कार्य मे राशि का न होना अड़चन बनी हुई है। गौठान निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण हो जाना था, लेकिन अब कुछ महीने का समय और लग सकता है। सामने पंचायत चुनाव भी नजदीक है। ऐसे में निर्माण कार्य समयावधि में होना असंभव नजर आ रहा है लेकिन बड़ा सवाल यह है फंड की कमी एक बड़ी समस्याएं बनी हुई है सरपंचों को कोई सेठ साहूकार समान देना नहीं चाह रहे है। सरपंचों की माने तो जिला प्रशासन के अधिकारी गौठान निर्माण में दबाव बनाया जा रहा है और निर्माण कार्य जल्द कराने के लिए आदेशित की किया है, कुछ सचिवों के ऊपर दण्डनात्मक कार्यवाही भी की गई है। कुछ सचिवों ने कार्यवाही के डर से निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया है।