नईदिल्ली, २१ नवंबर [एजेंसी]।
चुनाव आयोग ने भाकपा, तृणमूल कांग्रेस और राकांपा को दी गई राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता वापस लेने के अपने फैसले को टाल दिया है। मई 2019 में हुए लोकसभा चुनावों में इन दलों के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर यह फैसला लिया जाना था। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इन दलों ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग से कहा था कि आने वाले दिनों में लगातार विभिन्न राज्य विधानसभाओं के चुनाव होने हैं, जिसमें निश्चित रूप से उनके प्रदर्शन में सुधार होगा। उन्होंने बताया, हमने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है और निर्णय को टाल दिया है।
राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता पाने के लिए जरूरी है कि उस दल को कम से कम चार राज्यों में राज्य पार्टी का दर्जा हासिल हो। चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तभी दिया जाएगा जबकि लोकसभा या विधानसभा चुनावों के दौरान उसके प्रत्याशियों को चार या अधिक राज्यों में कुल मतदान का कम से कम छह प्रतिशत वोट मिला हो।
इसके अलावा उस दल के पास कुल लोकसभा सीटों के मुकाबले कम से कम दो प्रतिशत सीटें होनी चाहिए और उसके उम्मीदवार कम से कम तीन राज्यों से होने चाहिए।