चेन्नई, २7 नवंबर [एजेंसी]।
आसमान में भारत की आंख कहे जाने वाले कार्टोसैट सीरीज के नवीनतम उपग्रह कार्टोसैट-3 को सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित कर दिया गया है। इसके साथ गए अमेरिका के 13 छोटे उपग्रहों को भी अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक उनकी कक्षाओं में भेज दिया गया है।
कार्टोसैट-3 को बुधवार सुबह श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया। यह दुश्मन की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसे ले जाने वाले राकेट पीएसएलवी से अमेरिका के 13 छोटे उपग्रह भी भेजे गए। इसके पहले कार्टोसेट सीरीज के आठ उपग्रह भेजे जा चुके हैं। इसरो प्रमुख डॉ के सिवन ने कहा कि मुझे खुशी है कि पीएसएलवी-सी47 ने 13 अन्य उपग्रहों के साथ कक्षा में सटीक इंजेक्शन लगाया। कार्टोसैट-3 उच्चतम रिज़ॉल्यूशन वाला नागरिक उपग्रह है; हमारे पास मार्च तक के 13 मिशन हैं जिनमें छह बड़े व्हीकल मिशन और सात सैटेलाइट मिशन शामिल हैं। बेहतर क्षमता और नवीनतम तकनीकी वाला यह उपग्रह श्रीहरिकोटा केंद्र से सुबह 9.28 बजे रवाना हो गया है। इसरो ने बताया, हाल ही में बनाई गई व्यावसायिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने पहले ही 13 अमेरिकी नैनोसैटलाइट प्रक्षेपित करने के लिए समझौता किया था। करीब 1625 किलोग्राम वजनी कार्टोसेट-3 को 509 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित किया जाएगा। कार्टोसेट-3 की आयु पांच वर्ष होगी।