जांजगीर-चांपा। जिले के मालखरौदा थाना प्रभारी सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों पर पुलिस अभिरक्षा में प्रताडि़त किए जाने के बाद एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने थाने का घेराव कर न्याय की मांग करते हुए दोषी पुलिस कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की आवाज उठाई है।
जानकारी के अनुसार, मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम पोता निवासी नीरज कुर्रे को पुलिस द्वारा कुछ दिनों पहले पूछताछ के लिए उठाकर थाने ले जाया गया था, जिसके बाद उसके पिता सकुन्द कुर्रे को भी पुलिस उठाकर ले गई थी, जहां पूरी रात दोनों को पूछताछ के नाम पर प्रताडि़त किया गया था। दूसरे दिन जब परिजन थाने पहुेचे तो पता चला कि नीरज की हालत बेहद खराब है, जिसे मालखरौदा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यहां उपचार के दौरान उसकी हालत और खराब हो गई, जिसे बिलासपुर स्थित सिम्स रेफर किया गया। वहीं बीते 28 नवम्बर को पुलिस द्वारा नीरज को उसके घर लाकर छोड़ा गया, लेकिन उसकी हालत ठीक न होने पर फिर उसे मालखरौदा स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां 29 नवम्बर की रात उसकी मौत हो गई।
मृतक नीरज के परिजनों का आरोप है कि मालखरौदा थाना प्रभारी उमेश साहू, एक उपनिरीक्षक और एक आरक्षक, उनके बेटे को पूछताछ के लिए लेकर गए थे, जिनके द्वारा उनके बेटे के साथ बुरी तरह से मारपीट की गई, जिससे उनके बेटे की हालत गंभीर हुई, जो उपचार के बाद भी नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों सहित समाज के लोगो ने मालखरौदा थाने का घेराव कर दिया और दोषी पुलिस कर्मचारियो पर हत्या का अपराध दर्ज करने एवं कार्रवाई की मांग की गई, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस के उच्चाधिकारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल को बुलाया गया था।
अफसरों ने दिया जांच का दिलासा
मामले में पुलिस के उच्चाधिकारियों ने परिजनों को जांच का झुनझुना पकड़ाया है। अब देखना होगा कि इस पुलिसिया पिटाई की वजह से मौत के मामले में जांच के बाद आखिर क्या कार्रवाई होती है।
पुलिस अधीक्षक बोलीं-ना फैलाएं अफवाह
पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर का इस मामले में कहना है कि 29 नवंबर 2019 को नीरज कुर्रे को मृत अवस्था में मालखरौदा हॉस्पिटल लाया गया था, जिस पर कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि पूर्व में उसे 23 नवंबर 2019 को पूछताछ के लिए थाना मालखरौदा लाए जाने के दौरान उसके साथ मारपीट की गई होगी, जिससे उसकी मृत्यु हुई होगी। पूर्व में नीरज कुर्रे को 23 नवंबर 2019 को तबीयत खराब होने पर सिम्स बिलासपुर में भर्ती कराया गया था, जहां से तबीयत ठीक होने के बाद उसे 28 नवंबर 2019 को डिस्चार्ज कर दिया गया था। 30 नवंबर 2019 को नीरज की मृत्यु होने की सूचना पर जिला हॉस्पिटल जांजगीर में तीन डॉक्टरों की टीम द्वारा कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में वीडियोग्राफी कराकर उनके परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों की टीम एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा शरीर में किसी भी प्रकार का चोट होना नहीं पाया गया। शार्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक नीरज कुर्रे के पेट में एक ट्यूमर (गोला) मिला है, जिसे डॉक्टरों की टीम द्वारा प्रिजर्व कर परीक्षण के लिए एफएसएल भेजने की बात कही गई है। एफएसएल रिपोर्ट आने पर मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल जाएगा। पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर ने अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह ना फैलने दें और न ही फैलाने में किसी की सहायता करें। अगर किसी के द्वारा लोक व्यवस्था को बिगाडऩे के उद्देश्य से अफवाह फैलाई जाती है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दें। शांति व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था को बिगाडऩे के उद्देश्य से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।