बालको थाना में चल रहा अजब-गजब खेल
एक साथ शराब पीते दो लोग पकड़ाए लेकिन एक भागा-एक बचा बताकर दो प्रकरण किए गए तैयार
कोरबा। रस्सी को सांप किस तरह बनाया जाता है यह बालको पुलिस से कोई सीखें, जहां इन दिनों अजब-गजब खेल चल रहा है। अन्य मामले-मुकदमे से तो पैसा निकल रहा ही है। अतिरिक्त में आबकारी एक्ट के अभियान के बहाने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के नाम से पकड़कर जमानत मुचलका के नाम पर जमकर वसूलने की चर्चा है। यहां तक की एक साथ जाम छलकाते पकड़े गए लोगों के अलग-अलग प्रकरण बनाए जा रहे हैं। फिर एक टिकट पर दो फिल्म देखने की तर्ज पर जमानत मुचलका में छोड़ा जा रहा है। अरे यह हम नहीं कह रहे बल्कि बालको पुलिस की एफआईआर ही खुद बयां कर रही है।
दरअसल एक सप्ताह पहले रविवार 24 नंवबर की रात 8 बजे सेक्टर-4 के फारेस्ट बेरियर से आगे काफी पाइंट जाने वाले रोड पर केसलपुर मार्ग के पास जंगल में अंधेरे में बैठकर दो लोग शराब पी रहे थे। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंची। जिसका नेतृत्व एसआई कर रहे थे। जहां दोनों लोगों को पुलिस ने पकड़ा। उनसे बकायदा नाम व पता पूछा गया। मौके पर शराब की दो शीशी और डिस्पोजल बरामद किया गया। थाने भी उन्हें एक ही गाड़ी में बिठाकर लाया गया। लेकिन जब एफआईआर चढ़ी तो नंबर क्रमश: 0571/19 व 0572/19 अर्थात दो प्रकरण तैयार हो गए। मजे की बात यह है कि एसआई साहब ने पहले एफआईआर में जिसे भागना बताया उसे दूसरे में आरोपी बनाया है। जबकि जिसे पहले में पकड़ाना बताया है उसे दूसरे में भागना बताया है। यहां तक कि दोनों मामले में गवाह केसलपुर निवासी पवन कवंर ,दिलीप कवंर ही है। ऐसे में लगता है कि एसआई साहब के साथ ही गवाहों को भी दृष्टि दोष व श्रवण दोष तो नहीं। ऐसा नहीं हो सकता कि थाना में चल रहा इस तरह के अजब-गजब खेल की जानकारी प्रभारी को न हो, लेकिन खेल तो खेल है। नफा-नुकसान टीम के मुखिया को ही होता है। ऐसे प्रकरण पर न तो उच्चाधिकारियों की नजर पड़ रही है और न ही न्यायालय के संज्ञान में आ रहा है। जबकि ऐसे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एक पेड़ के नीचे तैयार हुए शराब पीने के 3 प्रकरण
12 नवंबर को बालको थाना के एएसआई विजय कुमार कैवर्त टाऊन पेट्रोलिंग में थे। मुखबीर की सूचना पर वे अमरसिंह होटल के आगे एल्युमिनियम गेट के पास मेन रोड किनारे बरगद पेड़ के नीचे पहुंचे। जहां धनबाद निवासी कंचन, पथर्रीपारा निवासी खेमलाल व बेलगरी निवासी शंकर एक साथ शराब पीते पकड़े गए। उनके खिलाफ एक ही कार्रवाई के बजाए तीन अलग-अलग प्रकरण तैयार किया गया।
भनेश्वर-पिंटू गवाह है कि भगवान, हर जगह मिलते हैं
बालको पुलिस को भनेश्वर व पिंटू के रूप में गवाह मिल गए है या भगवान समझ नहीं आ रहा है। क्योंकि सार्वजनिक जगह पर बैठकर शराब पीने वालों को जहां भी पुलिस की टीम पहुंचती है वहां वे दोनों भगवान के जैसे खड़े मिलते हैं और गवाही भी देते हैं। एसआई द्वारा 29 अक्टूबर को बनाए गए एफआईआर नंबर-511/19 में चेकपोस्ट में डोमन व एएसआई द्वारा 30 अक्टूबर को 513/19 में रिस्दा चौक के पास राहुल को पकड़ा गया। 30 अक्टूबर को एफआईआर नंबर-514/19 व 515/19 को लालघाट में गौतम व सौरभ को पकड़ा गया। 31 अक्टूबर को 516/19 को प्रधान आरक्षक ने लालघाट में राजेंद्र को पकड़ा। इसी दिन एएसआई ने एफआईआर नंबर-517/19 में रूमगढा के पास में विकास को शराब पीते पकड़े जाने का प्रकरण बनाया। खास बात यह है कि चेकपोस्ट, रिस्दा चौक, लालघाट व रूमगरा में शराब पीते पकड़े गए सभी लोगों के प्रकरण में गवाह भनेश्वर व पिंटू ही हंै।