कोरबा। एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के अंतर्गत बांकी उपक्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इस काम का ठेका समाप्त होने के बाद नई प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि कालोनियों में चौतरफा गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो गया है। इस क्षेत्र को अपना नहीं होना बताते हुए नगर निगम ने आसपास में डम्प किए गए कचरे और मलबे को हआने से इंकार कर दिया है।
खबर है कि 14 नवंबर को बांकी उपक्षेत्र में साफ-सफाई के काम से जुड़े टेंडर की अवधि खत्म हो गई। पूर्व में यह काम अंसारी नामक व्यक्ति को दिया गया था। तय अवधि में उसने यहां साफ-सफाई और निस्तारण संबंधी कार्य किया। मौजूदा ठेका खत्म होने के साथ विस्तार और नए काम के आवंटन को लेकर औपचारिकता की जानी थी जो समय पर नहीं हो सकी। अब हालात ऐसे हैं कि एक पखवाड़ा पूरा होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। पिछले 15 दिनों से एसईसीएल की बांकी, गजरा कालोनी, शांति नगर, जंगल साइड और ऑफिसर कालोनी के इलाके में साफ-सफाई का काम ठप है। यह बात अलग है कि प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एक कर्मी को स्थिति देखने में जरूर लगा रखा है लेकिन मैदानी स्तर पर जो जरूरत है, उसकी पूर्ति चाहकर भी नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों और उनके परिजनों की मानें तो रोजाना निकलने वाला कचरा सही जगह पर नहीं पहुंच पा रहा है। कारण यह है कि इसके लिए व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में आखिर क्या किया जाए। कर्मियों ने खुद इसके लिए समाधान खोजा। अब वे अपने आवास के पीछे ही खाली स्थान पर कचरा फेंक रहे हैं, जिससे हर क्षेत्र में कचरे के अंबार लगे हुए हैं। वहीं पास से बहने वाली नालियां जाम हो गई है। इससे सड़ांध उठना स्वाभाविक है। कर्मचारियों को खुद इन सब कारणों से समस्या झेलनी पड़ रही है लेकिन उनकी मजबूरी यह है कि वर्तमान स्थिति में यह सब बर्दाश्त किया जाए।
ऑनलाइन बुलाया टेंडर
प्रबंधन के सूत्रों ने इस संबंध में बताया कि उपक्षेत्र बांकी में साफ-सफाई व्यवस्था को ठीकठाक करने के लिए कोशिश की जा रही है। इस हेतु ऑनलाइन टेंडर कॉल किया गया है। जो भी आवेदक इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, उन्हीं में से न्यूनतम दर के साथ संबंधित शर्तों पर काम करने के इच्छुक व्यक्ति को उपक्षेत्र बांकी आवासीय परिसर की साफ-सफाई का काम आवंटित कर दिया जाएगा। भरोसा जताया गया कि बहुत ज्यादा हुआ तो अगले 15 दिन के भीतर यह काम करा लिया जाएगा और इसके साथ यहां की व्यवस्था को बहाल किया जाएगा।
लगते रहे कमीशन के आरोप
साफ-सफाई सहित अन्य काम जो सिविल विभाग के अंतर्गत संपन्न होते हैं, उनमें अक्सर अधिकारियों पर कमीशन के आरोप लगते रहे हैं। कार्पोरेट सेक्टर में इस तरह की बातें नई बिल्कुल नहीं है। लेकिन एसईसीएल के अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि इस तरह के आरोप में दम नहीं है। तर्क दिया जा रहा है कि मैन्यूअल आधार पर होने वाले कार्यों में इस तरह की बातें हो सकती है लेकिन जब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होना है तो फिर इसमें बीच का रास्ता कैसे निकल सकता है।