नईदिल्ली, [एजेंसी]।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोडऩे का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा और वहां के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान सांसद अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्न के उत्तर में शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य है, लेकिन वह कांग्रेस की स्थिति सामान्य नहीं कर सकते।
अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में पुलिस की गोली से एक भी मौत नहीं होना कांग्रेस को असामान्य लगता है। जम्मू कश्मीर में निकाय चुनाव शांति से हुए, बच्चे परीक्षा दे रहे हैं ये क्या सामान्य हालात नहीं है। 99.5 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षाएं दी। कांग्रेस केवल राजनीतिक गतिविधियों को ही सामान्य हालात मानती है। शाह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय प्रशासन को लगेगा कि नेताओं को रिहा करने का उचित समय है तो इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। केंद्र किसी तरह का दखल नहीं देगा।
दरअसल, चौधरी ने सवाल किया था कि जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला और दूसरे नेताओं को कब रिहा किया जाएगा तथा क्या वहां राजनीति गतिविधि बहाल है। इससे पहले गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर गलत प्रचार कर रहा है, लेकिन सरकार वहां स्थिति सामान्य बनाए रखने को प्रतिबद्ध है।