कोरबा। शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में अध्यापन करा रहे व्याख्याता संवर्ग को पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन के एरियर्स की राशि अब तक नहीं मिल सकी। ऐसे व्याख्याताओं की संख्या दहाई से ज्यादा होने की खबर है। कुछ मामले संज्ञान में आने पर निगम आयुक्त को ज्ञापन देकर राशि का भुगतान कराने की मांग की गई।
छग टीचर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष मनोज चौबे की ओर से इस आशय का ज्ञापन आयुक्त को दिया गया। इसमें संदर्भ के लिए कई पत्रों और दस्तावेजों को शामिल किया गया। उक्तानुसार बताया गया कि कोरबा जिले में कार्यरत पात्र व्याख्याताओं को पुनरीक्षित वेतनमान में एरियर्स का भूगतान लंबित है, जबकि शासन में संविलियन की कार्रवाई बहुत पहले कर दी। पात्र व्याख्याताओं ने इस संबंध में अपने स्तर पर पत्राचार कर अवगत भी कराया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कहा गया कि एरियर्स की राशि अनावश्यक रूकी हुई है। इससे आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। भूगतान के अभाव में कई सवाल भी व्यवस्था पर खड़े हो रहे है। आयुक्त को ऐसे व्याख्याताओं से संबंधित समस्याओं के परिपे्रक्ष्य में उच्च न्यायालय के आदेश, पुनरीक्षित वेतनमान संबंधी आदेश की कापी भी सौंपी गई है। कहा गया है कि इस प्रकरण को उच्च प्राथमिकता से लिया जाते हुए पुनरीक्षित वेतनमान में एरियर्स की राशि अविलंब कराये जाने की व्यवस्था आवश्यक है। यहां बताना जरूरी होगा कि ग्रामीण क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं में पंचायत संवर्ग के ऐसे शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतनमान के अंतर्गत एरियर्स का भुगतान करने की कार्रवाई जारी है। इस स्थिति में नगरीय क्षेत्र का मामला आखिर क्यों लटकाकर रखा गया है, यह समझ से परे है। इससे पूर्व वरिष्ठताक्रम और अन्य संबंधित मसलों पर छग टीचर्स एसोसियेशन ने शिक्षा विभाग सहित प्रशासन के अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराया तथा निराकरण में सफलता हासिल की।