फंड नहीं मिलने से अटका सुधार कार्य

कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत इमलीडुग्गू -बरबसपुर का सड़क मार्ग समस्यामूलक बना हुआ है। यहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। इससे आवागमन के दौरान वाहन चालक के साथ-साथ जनसामान्य को परेशानी झेलनी पड़ रह है। आवश्यक फंड नहीं मिलने से इस रास्ते का सुधार कार्य नगर निगम नहीं कर रहा है।
एक अरब के बजट वाले नगर निगम और जिला खनिज न्यास के एक हजार करोड़ की व्यवस्था होने के बाद भी जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर नहीं किया जा सका है। काफी समय से जिले की अनेक सड़कें अपनी हालत पर आंसू बहा रही है। इनपर औपचारिक रूप से ध्यान देने के अलावा कुछ नहीं किया जा सका। कोरबा के गौ माता चौक इमली डुग्गू से बरबसपुर तक की सड़क का हाल फिर जस का तस हो गया है। पुराने गड्ढे उभर कर सामने आ गए हैं, इसके कारण आवाजाही में खासी दिक्कत हो का सामना करना पड़ रहा है । पूरे रास्ते में सड़क का कुछ ही हिस्सा ठीकठाक बचा है, बाकी में गड्ढों ने अपना स्थान बना लिया है। इस स्थिति में समझ नहीं आ रहा है कि इस रास्ते पर लोग वाहन से चले या पद यात्रा करें। वर्षा काल के दौरान यह सड़क बदहाल हो गई थी। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे । इससे आए दिन वाहनों फसना जारी था और आम लोगों को ही दिक्कतें उठानी पड़ रही थी। प्रशासन की जानकारी में यह समस्या आम लोगों की ओर से लाई गई थी। इस पर संज्ञान लिया गया । इस दिशा में कार्रवाई करते हुए प्रकाश स्पंज आयरन की प्लस का भराव गड्ढों को पाटने के लिए किया गया था । जब तक इन गड्ढों में फ्लाई ऐश मौजूद रही तब तक स्थिति ठीक रही और लोगों को राहत मिली । पिछले दिनों अंचल में हुई बारिश के कारण हालात पूर्ववत हो गए हैं । बड़े-बड़े गड्ढे इमली डुग्गू चौक से बरबसपुर के बीच बन गए हैं । ऐसे में छोटे-बड़े वाहनों को पार होने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । यही हाल उरगा से कुदूरमाल होकर कनकी जाने वाले रास्ते का है। कोरबा से बिलासपुर की दूरी तय करने वाले लोग काफी समय से इस रास्ते का उपयोग कर रहे है। आगे का रास्ता भले ही ठीकठाक है। शुरूआती 15 किमी का सफर वाहनों के कलपुर्जे ढीले कर देता है और लोगों के लिए यात्रा सिरदर्द बन जाती है। जानकारी मिली है कि बरबसपुर तक की सड़क नगर निगम क्षेत्र में शामिल है और इसका सुधार कराने की जिम्मेदारी उसी की है। निगम के जोन अधिकारी का कहना है कि इस काम के लिए फंड आबंटित नहीं हुआ है।