नईदिल्ली, 1६ जनवरी [एजेंसी]।
चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव पेशी के लिए रांची की सीबीआई अदालत पहुंचे हैं। यहां उन्होंने डोरंडा कोषागर मामले में कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट कैंपस में भारी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। लालू के सहयोगी भोला यादव भी उनके साथ हैं। चारा घोटाले के पांचवें मामले डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की मामले में गुरुवार को लालू अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। सीबीआई के विशेष जज सुधांशु कुमार शशि की अदालत में लालू की पेशी हुई है। इस बीच लालू को टायलेट भी ले जाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच लालू यादव को सीबीआई के विशेष जज एसके शशि की अदालत में लाया गया लालू को करीब 10.30 बजे अदालत लाया गया। कोर्ट की कार्यवाही करीब 11.00 बजे से शुरू होगी, तब तक लालू प्रसाद यादव इंतजार कर रहे हैं। संभावना है कि सीबीआई जज 11. 30 बजे बैठेंगे।
तब लालू के बयान दर्ज होगा। लालू की पेशी को लेकर सिविल कोर्ट में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं सुरक्षा कर्मियों का भी जमावड़ा लगा हुआ है। इससे पहले बिरसा मुंडा जेल प्रशासन ने रांची के रिम्स से लालू को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया। इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई के विशेष जज एसके शशि ने रांची के डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में 16 जनवरी (गुरुवार) को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद का बयान रांची स्थित सीबीआई अदालत में दर्ज कराने का आदेश बिरसा मुंडा जेल प्रशासन को दिया था।
गुरुवार को जेल प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने लालू प्रसाद यादव को सुबह करीब दस बजे रिम्?स से रांची विेशेष सीबीआइ अदालत लाया। इस दौरान लालू को देखने के लिए रिम्?स में सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। लालू ने यहां मुस्?कुराकर सबका स्?वागत किया। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के चार मामलों में अब तक सजा पा चुके हैं। उन्?हें रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में कैदी नंबर 3351 के रूप में रखा गया है। हालांकि 11 गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लालू को फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में रांची के रिम्?स में भर्ती कराया गया है। जहां पेइंग वार्ड में डॉक्?टरों की टीम उनकी नियमित देखरेख कर रही है। लालू यादव को जहां चाईबासा और देवघर मामले में जमानत मिल चुकी है। वहीं दुमका कोषागार के दो मामले में सबसे अधिक सात-सात साल (कुल 14 साल) की सजा सुनाई गई है।