जांजगीर-चांपा। छात्राओं को स्कूल आने जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए सरकार द्वारा सरस्वती साइकिल योजना चलाई जा रही है। इसके तहत करोड़ों रुपए खर्च करके साइकिल वितरण किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा सत्र शुरु होने के चार माह बाद भी छात्राओं को मुफ्त की साइकिल नहीं मिल सकी है। स्थिति यह है कि शैक्षणिक जिला जांजगीर व सक्ती में 11 हजार 5 सौ छात्राओं को अब तक साइकिल नहीं मिली है, जबकि अब आधा सत्र बीतने को है।
कक्षा 9 वीं कक्षा में पढऩे वाली छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरण किया जाता है, जिससे उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा हो। योजना के तहत शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में नवमी कक्षा पढ़ रही नवप्रवेशी तथा अनुसूचित जाति, जनजिात, निर्धन वर्ग की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल देने का प्रावधान है। इसके लिए शैक्षणिक जिला जांजगीर-चाम्पा में 6609 एवं सक्ती जिले के लगभग 5 हजार छात्राओं को साइकिल वितरण किया जाना है। शासन द्वारा दोनों जिलों को मिलाकर कुल 11 हजार 6 सौ छात्राओं को साइकिल वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा सत्र शुरु हुए छ: माह बीत चुके है, लेकिन छात्राओं को साइकिल वितरण नहीं हो पाई है। शासन द्वारा बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर साइकिल के अभाव में आज भी छात्राएं पैदल ही स्कूल जाने विवश है। सरस्वती साइकिल योजना के तहत स्कूलों में पढऩे वाली हाईस्कूल की छात्राओं को अक्टूबर माह बीत जाने के बाद भी छात्राओं को साइकिल का इंतजार है।
सरस्वती साइकिल योजना के तहत 6 हजार 300 सौ छात्राओं को साइकिल देने के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है, मगर अब तक इस संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। जैसे ही साइकिल आएगा छात्राओं को वितरण कर दिया जाएगा।
केएस तोमर, डीईओ जांजगीर