
दो वर्ष पूर्व निर्माण कार्य पूरा, पर सहूलियत नहीं
कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा से होकर जवाली को जोडऩे वाले रास्ते पर जवाली नाला पर पुल जरूर बना दिया गया है लेकिन इसकी उपयोगिता सुनिश्चित नहीं हो सकी है। पुल निर्माण के दो वर्ष बाद भी एप्रोच रोड नहीं बनने से समस्याएं जस की तस बनी है। ऐसी स्थिति में छोटी बड़ी गाडिय़ों को नाला पार करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने लोगों को सुविधा देने के लिए जनप्रतिनिधियों की मांग पर लगभग 3 करोड रुपए की राशि खर्च कर जवाली नाला मैं पुल का निर्माण कर दिया है। लेकिन मुख्य मार्ग से पुल को कनेक्ट करने के लिए एप्रोच रोड नहीं बनाई गई है। इसके कारण यह महत्वाकांक्षी पुल उपयोगी नहीं बन सका है। वर्तमान में भी छोटी बड़ी गाडिय़ों को आसान तरीके से पुल के जरिए पार करने का सपना पूरा नहीं हो सका। गर्मी से लेकर बारिश के मौसम में सभी प्रकार के वहां ऊपर खबर रास्ते और नाला को पर करने के लिए मजबूर है। सबसे खास बात यह है कि नीचे की तरफ के रास्ते में काफी जोखिम है और यहां से नीचे उतरती हुई गाडिय़ों को देखकर कई बार ऐसा ही लगता है कि पता नहीं कब यह दुर्घटनाग्रस्त हो जाए। जरूरत इस बात की है कि प्राथमिकता के साथ पुल को उपयोगी बनाने के लिए एप्रोच रोड का निर्माण कराया जाए और अगर ऐसा नहीं हो सकता है तो वैकल्पिक रास्ते को इस लायक बना दिया जाए ताकि गाडिय़ां बिना किसी आशंका के वहां से गुजर सके।
आखिर क्या दिखाना चाहता है विभाग
जवाली नाला पर पुल निर्माण न होने के कारण लंबे समय तक लोग मुश्किल झेलते रहे। यहां-वहां से पहल होने और दबाव बनने पर सरकार ने पुल निर्माण कराया तय किया। अब जब पुल बन चुका है तो एप्रोच रोड का पता नहीं है। क्षेत्र के लोगों का सवाल है कि आखिर केवल पुल बनाकर सेतु निगम क्या दिखाना चाहता है। एप्रोच रोड बनाने की या तो आवश्यकता नहीं समझी गई या फिर लोगों को यूं ही परेशान करने की मानसिकता बनाई गई है।





















