दिल्ली ब्लास्ट केस में आरोपी को मिली अधिवक्ता से मिलने की अनुमति, पटियाला हाउस कोर्ट ने याचिका स्वीकारी

नईदिल्ली, २३ नवंबर।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) मुख्यालय में अपने अधिवक्ता से मिलने की मांग को लेकर लाल किला ब्लास्ट के सह-आरोपित जसीर बिलाल वानी द्वारा दायर याचिका को पटियाला हाउस की अदालत ने स्वीकार कर लिया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने अधिवक्ता से मिलने संबंधी बिलाल की याचिका स्वीकार की।वहीं, शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने बिलाल की मांग ठुकरा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि एनआईए मुख्यालय में अधिवक्ता से मिलने की उसकी अर्जी को खारिज करने संबंधी ट्रायल कोर्ट का कोई आदेश आरोपित नहीं पेश कर सका। अदालत ने उक्त टिप्पणी तब की, जब आरोपित के अधिवक्ता ने दावा किया कि ट्रायल कोर्ट ने अर्जी को मौखिक रूप से खारिज कर दिया था।
लाल किले के बाहर आत्मघाती हमला करने वाले मोहम्मद उमर के साथ साजिश रचने में जसीर बिलाल वानी भी आरोपित है। 10 नवंबर को हुए विस्फोट के मामले में वानी को 17 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। वह अनंतनाग का रहने वाला है। इस वारदात में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में 18 नवंबर को ट्रायल कोर्ट ने जसीर बिलाल वानी को उसे 10 दिन के एनआईए कस्टडी में भेज दिया था।

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