
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सतना में संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में पब्लिक हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने डॉ. योगेश भरसत (सीईओ, आयुष्मान भारत) की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की है। मामले में कई लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। जिन लोगों को सस्पेंड किया गया है, उनमें डॉ. देवेंद्र पटेल (पैथोलॉजिस्ट और ब्लड बैंक इंचार्ज), राम भाई त्रिपाठी (लैब टेक्नीशियन) और नंदलाल पांडे (लैब टेक्नीशियन) शामिल हैं। सतना जिला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें इसके जवाब में लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है और अगर स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 16 दिसंबर 2025 को स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के डायरेक्टर डॉ. योगेश भरसत की अध्यक्षता में एक राज्य-स्तरीय समिति बनाई गई थी। इसकी शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।






















