
जाजगीर-चांपा। कृषि प्रधान जांजगीर चांपा जिले में यूरिया की कमी की समस्या कही खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। बीते करीब माह भर से किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे है। खास बात यह है कि सोसायटियों के बाद अब खुले बाजार से भी यूरिया गायब हो गया है, जहां कही उपलब्धता है भी तो कीमत निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक कर दी गई है। ऐसे में इन सब समस्याओं को लेकर किसान बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे और कृषि दफ्तर का घेराव कर नाराजगी जाहिर की। इस दौरान अफसरों के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई।
गुरूवार 11 सितंबर को जिले के किसान बड़ी संख्या में एकजुट होकर जिला मुख्यालय जांजगीर पहुंचे, जहां दोपहर के वक्त उन्होंने उप संचालक कृषि कार्यालय का घेराव कर दिया। वे सोसायटियों में खाद की कमी और खुले बाजार में भी खाद नहीं मिलने की समस्या को लेकर नाराज थे। इस दौरान विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की।
कृषि विभाग के अधिकारियों को अपना दुखड़ा सुनाया और ज्ञापन देकर खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी। तत्पश्चात किसानों की भीड़ तहसील कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम सुब्रत प्रधान को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने खाद उपलब्ध कराने का आग्रह किया। किसानों ने बताया कि पिछले माह भर से सेवा सहकारी समितियों में खाद नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही खुले बाजार में भी यूरिया नहीं है। जिन व्यापारियों के पास यूरिया का स्टाक है तो उन्होंने इसकी कीमतें कई गुना अधिक कर दी है। स्थिति यह है कि 267 रुपए में मिलने वाला यूरिया 12 से 15 सौ रुपए बोरी में बिकने लगा है। किसानों ने बताया कि इतने पर भी खुले बाजार में आसानी से यूरिया मिल जाए, इसकी गारंटी नहीं है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश बड़े खाद विक्रेताओं का गोदाम खाली हो गया है, वहां जाने पर यूरिया का स्टाक खत्म होना बताया जाता है। इसके अलावा जिन कुछ व्यापारियों के पास यूरिया का स्टाक है या जो बाहर से मंगा रहे है वे मनमाने कीमत पर बेच रहे है। इधर सोसायटियों में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। किसानों के मुताबिक जो किसान समिति से लेनदेन नहीं करते थे।
बाजार में हो रही किल्लत के चलते उन्हें भी अब सोसायटियों पर निर्भर होना पड़ रहा है। ऐसे में कई सोसायटियों में नगद में खाद उपलब्ध कराने में आनाकानी होने लगी है। इन सब परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों ने कृषक चेतना मंच के तले ज्ञापन सौंपकर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।





















