
नईदिल्ली, 0३ मार्च ।
महाकुंभ के दौरान बीते वर्ष 15 फरवरी की रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत के बाद रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने अब जाकर दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड करने का निर्णय किया है।इसके लिए आरपीएफ मजबूत प्लान बना रही है। स्टेशनों पर अपराध रोकने और इमरजेंसी के दौरान तेजी से रिस्पांस करने के अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक कम्युनिकेशन टूल्स, सर्विलांस सिस्टम और क्राउड मैनेजमेंट टेक्नोलाजी खरीदी जाएगी। वर्तमान में राजधानी के चार बड़े रेलवे स्टेशनों पर 597 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आरपीएफ और अतिरिक्त कैमरे भी लगाने पर विचार कर रही है। आरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राजधानी के भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों के बीच रियल-टाइम कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने के लिए 277 वॉकी-टॉकी खरीदे जाएंगे। इनसे अधिकारी इमरजेंसी, भीड़ बढऩे या चोरी और तोड़-फोड़ आदि किसी भी तरह की घटना के दौरान तेजी से रेलवे पुलिस के साथ सूचनाओं को साझा कर पाएंगे और बेहतर समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई कर पाएंगे। आरपीएफ को बिना रुकावट लंबी दूरी के कम्युनिकेशन के लिए 31 हाई-फ्रीक्वेंसी वाले सेट भी मिलेंगे। अधिकारी का कहना है कि आरपीएफ एडवांस्ड तरीके के दो ड्रोन भी खरीद रही है, जिन्हें खास तौर पर क्राउड मैनेजमेंट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ये ड्रोन पीक आवर्स और स्पेशल इवेंट्स के दौरान प्लेटफार्म, एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स, और दूसरे हाई-रिस्क एरिया की एरियल मानिटरिंग करेंगे।बताया कि इनका इस्तेमाल नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुदीन और आनंद विहार जैसे स्टेशनों पर रियल टाइम में भीड़ की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए किया जाएगा। तोड़-फोड़, पत्थरबाजी या अन्य किसी तरह की घटनाओं की ज्यादा संभावना वाले जगहों पर 50 सोलर पावर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।नई दिल्ली स्टेशन पर, फेस रिकग्निशन सिस्टम टेक्नोलाजी वाले 60 कैमरे भीड़भाड़ वाली एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर लोगों को ट्रैक करने में मदद करेंगे।
अगर कोई अपराधी स्टेशन पर घूमता हुआ नजर आएगा तब कैमरे उसे पहचान लेंगे और कंट्रोल रूम में अलर्ट आ जाएगा। नांगलोई स्टेशन पर पहले से ही दो एफआरएस कैमरे लगे हैं।अधिकारी का कहना है कि नई दिल्ली स्टेशन पर सबसे अधिक भीड़ रहती है इसे देखते हुए यहां वीडियो एनालिटिक्स कैपेबिलिटी वाले 200 और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि का रियल-टाइम पता लगाया जा सके।वहीं, दूसरे बड़े स्टेशनों को भी रेल टेल एफआरएस सीसीटीवी सिस्टम से अपग्रेड किया जा रहा है। सात स्टेशनों पर इसे लगाने का काम चल रहा है। स्टेशन परिसर में प्रतिबंधित सामान के आने से रोकने के लिए 17 और बैगेज स्कैनर लगाए जाएंगे। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद रेलवे पुलिस की संख्या भी बढाने की चर्चा तेज हुई थी, लेकिन अब तक रेलवे पुलिस की संख्या नहीं बढ़ पाई। पुलिसकर्मियों की भारी कमी के कारण स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी नहीं दिखती है।
जिससे प्लेटफार्मों पर चोरी आदि की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रहा है।




















