
टिकाऊ काम नहीं किए जाने से दोतरफा नुकसान
कोरबा। कसनिया के पास अंग्रेजों के समय का बना पुल आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस पुल पर कई दफा दोनो ओर सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगाई गई रेलिंग टूट-फूट का शिकार हो गई और बाद में कबाडिय़ों ने पार कर दिया। रेलिंगविहीन पुल पर हादसे का डर बना हुआ है।
कटघोरा से बिलासपुर मार्ग पर कसनिया के पास अहिरन नदी पर बना यह पुल वर्षों पुराना है और इस पुल से दिन और रात सैकड़ों छोटे व भारी वाहनों का आवागमन होते रहता है लेकिन इस पुल के दोनों ओर की रेलिंग बनाई तो जाती है लेकिन कुछ दिनों बाद यह रेलिंग या तो टूट जाती है या फिर आसपास के कबाडिय़ों की नज़र से बच नही पाती है। ऐसे में इस पुल से गुजरने वालों को हमेशा खतरे का डर बना रहता है। यही नही कई दफा छोटे वाहन इस पुलिया पर रेलिंग न होने से दुर्घटना का शिकार भी हो जाते हैं।
इस मार्ग से दिन में जिले व स्थानीय प्रशासन के उच्च अधिकारीयों का गुजरना होते रहता है और साथ मे स्थानीय जनप्रतिनिधि व छत्तीसगढ़ के मंत्रियों का भी काफिला इसी पुल से होकर गुजरता है लेकिन किसी का भी इस ओर ध्यान नही जाता है। पुल तथा उसके बाद कि सडक़ की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयो का भी इस ओर ध्यान न देना कही न कही विभाग की निष्क्रियता को भी दर्शाता है। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठा है यह तो विभाग के अधिकारी व इंजीनियर ही जाने की इस पुल की टूटी हुई रेलिंग की सुध कब तक लेते है? यह एक प्रश्न बन कर रह गया है।
भेजा गया है प्रस्ताव
सब डिवीजन कटघोरा के अंतर्गत ऐसे तीन पुल रेलिंगविहीन हैं जिसके बारे में विभाग को पूरी जानकारी है। यहां पर रेलिंग की व्यवस्था किए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को इस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति के साथ संबंधित कार्य कराया जाएगा। इससे पहले एक सकरे पुल पर मजबूत कार्य कराया गया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो।
-सतीश पांडेय, एसडीओ, लोनिवि कटघोरा