अजित पवार निधन: खास जगह रखा गया पार्थिव शरीर

मुंबई, २९ जनवरी ।
महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह दुर्घटना पुणे जिले के उनके गृहनगर बारामती के हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान हुई। क्रैश होने के साथ ही विमान विस्फोट के साथ आग का गोला बन गया। विमान में सवार चालक दल सहित सभी पांच लोगों की इस दुर्घटना में जान चली गई। प्रदेश सरकार ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। छह बार राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे अजीत पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विभिन्न नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंचे और अजित पवार की मौत को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक अच्छा दोस्त खो दिया है। डीजीसीए ने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआइबी) की एक विशेषज्ञ टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई है, ताकि दुर्घटना की फोरेंसिक जांच शुरू की जा सके। महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में दादा के नाम से मशहूर 66 वर्षीय अजीत पवार बुधवार सुबह करीब 8.10 बजे मुंबई से पुणे जिले स्थित बारामती के लिए रवाना हुए थे।वह वहां पांच फरवरी को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे। दुर्घटना में मारे गए अन्य लोगों में कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक, अजीत पवार के पर्सनल सिक्योरिटी आफिसर विदित जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं। कैप्टन सुमित कपूर को 15,000 घंटे और कैप्टन शाम्भवी पाठक को 1,500 घंटे की उड़ान का अनुभव था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, सुबह करीब 8.44 बजे बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय यह निजी चार्टर्ड विमान लियरजेट 45 (वीटी-एसएसके) दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार उस समय विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम थी। पायलट ने पहली बार में रनवे नहीं दिखने पर गो-अराउंड (खराब मौसम समेत विभिन्न कारणों से लैडिंग को टालना) किया।गो-अराउंड के बाद लैंडिग के लिए मंजूरी दी गई थी, लेकिन मंजूरी मिलने के बाद भी पायलट ने एटीसी को कोई रीड-बैक (एटीसी का संदेश नहीं दोहराया) नहीं दिया और कुछ ही देर बाद रनवे के किनारे उसमें आग लग गई।नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बारामती में एयर ट्रैफिक कंट्रोल संभालने वाले व्यक्ति के हवाले से बताया गया कि शांत मौसम की रिपोर्ट के बावजूद लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को विजिबिलिटी की समस्या हुई। सुबह 8.18 बजे बारामती से 30 नाटिकल मील (लगभग 55 किमी) दूर विमान ने पहली बार बारामती एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया।चालक दल को बताया गया था कि हवा शांत है और विजिबिलिटी लगभग 3,000 मीटर है। दूसरी कोशिश की शुरुआत में चालक दल ने रनवे अभी भी नहीं दिखने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कहा कि रनवे दिख रहा है।इस पर एटीसी ने सुबह 8.43 बजे लैंड करने की अनुमति दे दी। लेकिन चालक दल ने एटीसी का संदेश नहीं दोहराया और 8.44 बजे एटीसी कर्मियों ने रनवे के किनारे आग की लपटें उठते देखीं। दुर्घटनास्थल से आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली थीं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के गिरते ही एक जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। बाद में अजित पवार के शव की पहचान उनकी कलाई घड़ी से की गई। एक अधिकारी ने बताया कि विमान से मिले ब्लैक बाक्स (फ्लाइट डेटा रिकार्डर और काकपिट वायस रिकार्डर शामिल) को रिकवर करने के बाद हादसे की वजह पता लगाने के लिए उसका विश्लेषण किया जाएगा।वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित यह विमान 16 वर्ष पुराना था। वीएसआर वेंचर्स के मालिक वीके सिंह ने कहा कि पायलट शायद रनवे नहीं देख पाया और उसने मिस्ड अप्रोच किया, जो ऐसे मामलों में एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है।वीएसआर वेंचर्स के बेड़े में सात लियरजेट 45 विमान (हादसे में शामिल विमान सहित), पांच एंब्रेयर 135बीजे विमान, चार किंग एयर बी200 विमान और एक पाइलाटस पीसी-12 विमान शामिल हैं। बारामती का हवाई अड्डा एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है जहां आमतौर पर स्थानीय फ्लाइंग ट्रेङ्क्षनग संगठनों के इंस्ट्रक्टर और पायलट ट्रैफिक की जानकारी देते हैं।अजीत पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस दुर्घटना को लेकर सियासत भी शुरू हो गई। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दुर्घटना में साजिश की गंध महसूस करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की देखरेश में इसकी जांच की मांग की। लेकिन अजीत पवार के चाचा एवं महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक हादसा था। इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। विमानन विशेषज्ञ और सेवानिवृत पायलट एहसान खालिद का कहना है कि दुर्घटनास्थल पर मौजूद सभी साक्ष्यों को संरक्षित रखा जाए, उनके साथ छेड़छाड़ न हो, क्योंकि वे एएआइबी की जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा, दृश्यता न तो बहुत अच्छी थी और न ही खराब, लेकिन यह इतनी खराब भी नहीं थी कि मार्ग बदलने की आवश्यकता होती।ऐसा प्रतीत होता है कि विमान ने उतरने का प्रयास किया और उसके बाद वह चक्कर लगाने लगा, जिसका अर्थ है कि उसने लैंडिंग को रद कर दी थी। खालिद ने कहा कि जहां तक उन्हें पता है, बारामती हवाई अड्डे पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम नहीं है, इसलिए खराब दृश्यता की स्थिति में पायलट और विमान को रनवे के साथ अपनी नजरों से ही आगे बढऩा पड़ता है और यदि दृश्यता कम है, तो उपकरणों से बहुत कम मदद मिलती है। यह सिस्टम लगा होता तो हादसा टाला जा सकता था।
पायलट सुमित कपूर को एक भद्र व्यक्ति बताते हुए खालिद ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि उस समय काकपिट में क्या स्थिति थी या क्या खराब मौसम के साथ कोई तकनीकी खराबी भी थी जिसने स्थिति को इतना बिगाड़ दिया कि विमान को लैंडिंग के दौरान नियंत्रित नहीं किया जा सका।’राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकर्ता और पवार समर्थक बड़ी संख्या में बारामती और मुंबई स्थित उनके आवास पर जुटने लगे हैं। अजित पवार अपने बेबाक अंदाज और विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे।आठ बार बारामती से विधायक एवं एक बार बारामती से ही सांसद चुने गए अजीत पवार का जाना महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास के एक बड़े स्तंभ का गिरना है। उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए बारामती स्थित उसी विद्या प्रतिष्ठान में रखा गया है, जिसे खुद अजीत पवार की देखरेख में बनाया गया था। विद्या प्रतिष्ठा एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान है।

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