
नई दिल्ली। पुणे के हावेली IV के उप-पंजीयक (क्लास II) एपी फुलवारे ने शुक्रवार को अमादेया एंटरप्राइजेज LLP को नोटिस भेजा है। इसमें फर्म के पार्टनर दिग्विजय पाटिल से कहा गया है कि वे 21 करोड़ रुपये की पूरी स्टांप ड्यूटी और लागू जुर्माना भरें। इसके बाद ही कंपनी अपनी कैंसिलेशन डीड दोबारा जमा कर सकेगी।
अमादेया एंटरप्राइजेज में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार भी पार्टनर हैं। कंपनी ने यह कैंसिलेशन डीड इसलिए दी क्योंकि वह जिस डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए यह जमीन खरीद रही थी, वह प्रोजेक्ट अब रद कर दिया गया है।
20 मई 2025 को 40 एकड़ जमीन बिक्री का समझौता शीतल तेजवाणी (जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी धारक) और दिग्विजय पाटिल के बीच हुआ था। इस डील की कीमत 300 करोड़ रुपये थी और इसे हावेली IV सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज किया गया था।
कंपनी ने उस समय सरकार की 1 फरवरी 2024 की अधीसूचना के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट ली थी, जो डेटा सेंटर और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को राहत देती है। लेकिन अब जब कंपनी ने खुद ही वह प्रोजेक्ट रद कर दिया है तो वह छूट लागू नहीं रह जाती।



















