बैकुंठपुर में आध्यात्मिकता और भक्ति का अद्भुत संगम

कोरिया बैकुंठपुर। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में इस वर्ष नवरात्रि पर्व को लेकर भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। नगर के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बैकुंठपुर द्वारा आयोजित चैतन्य देवियों की भव्य झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस झांकी का उद्घाटन बड़े ही धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में किया गया।
झांकी का मुख्य उद्देश्य न केवल दुर्गा पूजा के अवसर पर भक्तों को देवी मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कराना है, बल्कि समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रसार करना भी है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान हमेशा से समाज को सादगी, शांति और संस्कारों की शिक्षा देता आया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बैकुंठपुर शाखा ने इस बार भव्य झांकी का आयोजन किया है।
भक्ति और आस्था का संगम
झांकी में मां दुर्गा और अन्य देवियों के सजीव स्वरूप अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाए गए हैं। श्रद्धालु यहां पहुंचकर ऐसा अनुभव कर रहे हैं मानो स्वयं देवी मां उनके सामने विराजमान हों। इस झांकी में प्रकाश सज्जा, रंग-बिरंगी झिलमिलाती रोशनी और पारंपरिक संगीत माहौल को और भी आध्यात्मिक बना रहा है। शाम के समय दीपों की ज्योति और मंत्रोच्चार वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं।
समय और दर्शनों की व्यवस्था
यह चैतन्य झांकी 1 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए खुली रहेगी। दर्शन का समय प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से रात 10.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान भक्तगण परिवार सहित आकर देवी मां के दर्शन कर सकते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। आयोजकों ने दर्शनों की व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा है ताकि भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का सहयोग
बैकुंठपुर की जनता इस झांकी को लेकर अत्यंत उत्साहित है। स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक उत्सवों की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में एकता, शांति और सद्भावना का संदेश भी प्रसारित करते हैं।
संस्थान की प्रेरणा
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का उद्देश्य सदैव यह रहा है कि लोगों में आध्यात्मिक चेतना जागृत की जाए और उन्हें जीवन की सच्ची राह दिखाई जाए। झांकी के माध्यम से संस्था ने यह संदेश दिया है कि देवी मां केवल शक्ति का ही प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, करुणा और धर्म की भी प्रतिमूर्ति हैं।
बैकुंठपुर में आयोजित यह चैतन्य झांकी निश्चित रूप से नगरवासियों और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव बनने जा रही है। भक्त यहां केवल दर्शन ही नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें भक्ति, शांति और आत्मिक आनंद का अनुभव भी हो रहा है। आने वाले दिनों में यहां भक्तों की भीड़ और बढऩे की संभावना है। यह झांकी न केवल धार्मिक आयोजन है बल्कि समाज को एक नई दिशा देने वाला आध्यात्मिक पर्व भी है।
इस प्रकार बैकुंठपुर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित यह शानदार झांकी श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम बन चुकी है।

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