डेना पर हमले से पहले अमेरिका ने क्रू को दी थी चेतावनी, हिंद महासागर में 80 से ज्यादा लोगों की मौत

नई दिल्ली। ईरानी युद्धपोत आइरिस डेना के डूबने की घटना में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। ‘ईरान इंटरनेशनल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमले में मारे गए एक ईरानी नाविक ने अपने पिता से अंतिम बातचीत में बताया था कि अमेरिकी बलों ने युद्धपोत छोड़ने के लिए चालक दल को दो बार चेतावनी जारी की थी।

यह दावा ईरान के उस आधिकारिक बयान के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा था कि युद्धपोत पर बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। कमांडर और चालक दल के बीच विवाद रिपोर्ट के मुताबिक, जब अमेरिकी पनडुब्बी से हमले का खतरा मंडरा रहा था, तब आइरिस डेना के कमांडर ने चेतावनी के बावजूद चालक दल को युद्धपोत छोड़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

सदस्यों और कमांडर के बीच हुई थी बहस

बताया जा रहा है कि हमले से ठीक पहले चालक दल के कुछ सदस्यों और कमांडर के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई थी। अंतत:, बुधवार को श्रीलंका के गाले बंदरगाह से लगभग 19 समुद्री मील दूर हिंद महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टारपीडो से इस माउज-श्रेणी के फ्रिगेट को निशाना बनाया।

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