
कोरबा । केंद्र सरकार द्वारा लागू श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग को लेकर प्रस्तावित 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी 1 दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में चारों केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान कर दिया है। जानकारी के अनुसार इस संबंध में बैकुंठपुर क्षेत्र अंतर्गत एचएमएस, एटक, इंटक और सीटू से संबद्ध केंद्रीय अध्यक्षों एवं महामंत्रियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में 09 जनवरी को दिल्ली में आयोजित संयुक्त कन्वेंशन में लिए गए निर्णयों को लागू करने पर सहमति बनी।बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जनवरी से 11 फरवरी तक एसईसीएल की सभी खदान इकाइयों एवं क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त रूप से गेट मीटिंग, आमसभा, रैली, वॉल राइटिंग और माइक प्रचार जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही 25 जनवरी से 31 जनवरी के बीच सभी इकाइयों और क्षेत्रों में संयुक्त बैठकें कर 1 दिवसीय हड़ताल को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। इन बैठकों की सूचना एवं छायाचित्र केंद्रीय संगठनों को भेजे जाएंगे। संयुक्त कार्यक्रम के तहत 06 फरवरी को सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 08 फरवरी को सोहागपुर क्षेत्र के जमुना-कोतमा, सोहागपुर, जोहिला एवं हसदेव क्षेत्रों की संयुक्त आमसभा आयोजित होगी। 09 फरवरी को बैकुंठपुर क्षेत्र में भटगांव, बैकुंठपुर, चिरमिरी एवं बिश्रामपुर क्षेत्रों की आमसभा होगी। 10 फरवरी को दीपका क्षेत्र में रायगढ़, कोरबा, कोरबा केंद्रीय कर्मशाला, कुसमुण्डा, गेवरा, गेवरा केंद्रीय कर्मशाला एवं दीपका क्षेत्रों की संयुक्त आमसभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को एसईसीएल मुख्यालय में आमसभा का आयोजन किया जाएगा। बैठक में श्रमिक नेताओं ने कहा कि श्रम संहिताएं श्रमिक विरोधी हैं और इन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने एसईसीएल के सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूर्ण समर्थन देकर ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं। बैठक में नत्थूलाल पाण्डेय (एचएमएस), अजय विश्वकर्मा (एटक), गोपाल नारायण सिंह (इंटक) एवं व्ही.एम. मनोहर (सीटू) की ओर से संयुक्त रूप से यह अपील जारी की गई हैं।














