सर्वत्र राखड़, बना है हादसे का डर

खेतों में फसलों को पहुंचा नुकसान
कोरबा। दर्री के धनरास से कटघोरा मार्ग तक सडक़ पर जगह-जगह भारी मात्रा में राखड़ गिरा पड़ा है। एनटीपीसी धनरास राखड़ डेम से लगातार निकल रहे ओवरलोड ट्रक सडक़ पर राखड़ गिरा रहे हैं। इसके चलते राहगीरों का आवागमन मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
राहगीरों व ग्रामीणों ने बताया कि राखड़ के कारण न केवल सडक़ फिसलन भरी हो गई है बल्कि छोटे वाहन चालक और दोपहिया सवार लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं। धूल और राखड़ के उडऩे से पैदल चलने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग को कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रक चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
वहीं ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर गेवरारोड-पेंड्रा के निर्माण क्षेत्र अंतर्गत कई स्थान पर गड्ढों को पाटने के लिए फ्लाईऐश का उपयोग किया जा रहा है। कुचैना, भैरोताल इलाके में बरसात के असर से फ्लाईऐश का काफी हिस्सा बहते हुए किसानों के खेतों में प्रवेश कर गया। शिकायत है कि वहां पर लगी धान की फसल को क्षति पहुंची। किसानों ने नुकसान का दावा करते हुए प्रशासन से राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत मुआवजा देने की मांग की है। पर्यावरण प्रदूषण से जुड़ी इस समस्या के निराकरण को लेकर पर्यावरण विभाग की ओर से फिलहाल कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।

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