नम आंखों से अशोक की अंतिम विदाई जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज

बलरामपुर। जिले के शारदापुर गांव में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से कक्षा छठवीं में पढऩे वाले मासूम अशोक की दर्दनाक मौत के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।
प्रशासन की समझाइश के बाद घटना के दूसरे दिन परिजनों ने नम आंखों से अशोक का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। अशोक अपने माता-पिता का इकलौता चिराग था, जिसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब भोजन अवकाश के दौरान अशोक खेलते हुए स्कूल परिसर में स्थित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक भवन का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजन बेसुध हो गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आया है। प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्कूल की प्रधान पाठक ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय में पदस्थ तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा घटिया निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में गांव के सरपंच और ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। हालांकि, परिजन और ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में बने कई शौचालय लंबे समय से बंद रखे गए थे। यदि उन्हें खुला रखा जाता तो संभवत: यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद आनन-फानन में शौचालयों की सफाई कर उन्हें खोल दिया गया, जिससे ग्रामीणों में और नाराजगी है। इस हादसे ने एक बार फिर सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन गांव में अब भी न्याय की उम्मीद और आक्रोश एक साथ दिखाई दे रहा है।

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