पंजाब में बिहार के छात्रों पर हमला, ष्टस् ने लिया संज्ञान क्चछ्वक्क अध्यक्ष बोले- हमारे लोगों को बनाया जा रहा निशाना

पटना, २२ मार्च ।
बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने शुक्रवार को भटिंडा के एक विश्वविद्यालय में पूर्वी राज्य के छात्रों पर कथित हमले की खबरें सामने आने के बाद पंजाब सरकार से बात की और उनसे बिहार के छात्रों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संबंधित अधिकारी घटनाक्रम पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।बता दें, कॉलेज में 17, 18 और 19 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। छात्रों ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए धन एकत्र किया था। बिहार के छात्रों ने भी अपने सांस्कृतिक प्रदर्शन दिखाने के लिए योगदान दिया था। एकत्र किए गए धन को लेकर दो समूहों के बीच विवाद हुआ, जिसके कारण कथित तौर पर हाथापाई हुई। इस मामले में कई छात्र घायल हुए हैं, जिन्होंने बिहार सरकार से मदद मांगी थी।
जिसके बाद मुख्य सचिव ने पंजाब के मुख्य सचिव से बात की है।वहीं, दूसरी ओर बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पंजाब के बठिंडा में गुरु काशी यूनिवर्सिटी के कैंपस में बिहार के छात्रों पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी भी दी है कि शिक्षा के मंदिर में छात्रों के खून बहने को भाजपा कभी स्वीकार नहीं करेगी, चाहे वह छात्र बिहार के हों या किसी अन्य प्रदेश के हों। जायसवाल ने कहा कि जिस तरह की सूचना आ रही है, उसके मुताबिक बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया। उन्होंने इस घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों के छात्र वहां पढऩे गए हैं, लेकिन वहां इन्हें प्रताडि़त किया जा रहा है, जिसे कहीं से भी सही नहीं ठहराया जा सकता है।
आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार शिक्षा के मंदिर को राजनीतिक अखाड़ा बनाना बंद करे। पुलिस बिहारी छात्रों पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और उन्हें कानून के मुताबिक सजा दिलाने का काम करे। उन्होंने कहा कि बिहार के हजारों छात्र पंजाब में शिक्षा ग्रहण करते हैं। पंजाब सरकार की यह जिम्मेदारी है कि बिहार के छात्रों को उचित सुरक्षा भी मुहैया कराए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।

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