सोनहत में लोक कला के जरिए स्वास्थ्य के प्रति जगाई गई अलख

सोनहत, कोरिया। जिले के दूरस्थ अंचल सोनहत मुख्यालय में बुधवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता का एक अनूठा और प्रभावशाली आयोजन देखने को मिला। हृढ्ढष्टश्वस्न छत्तीसगढ़, स्वास्थ्य विभाग और एमसीसीआर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘फोक मिड-मीडिया एक्टिविटीज’ कार्यक्रम ने लोक कला के माध्यम से गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने का सार्थक प्रयास किया। बाजार के दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों में हृदय रोग, बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) तथा सिकल सेल रोग जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति समुदाय को सजग करना था। इस अवसर पर यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, एमसीसीआर के परियोजना निदेशक डी. श्याम कुमार, डॉ. श्वेताभ त्रिपाठी एवं सुरभि शुक्ला उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और असंतुलित खानपान के कारण मानसिक और शारीरिक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है। समय पर परामर्श, परिवार का सहयोग और आवश्यकता पडऩे पर चिकित्सकीय उपचार से इन समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। इसी तरह बच्चों में जन्मजात हृदय रोग एवं टाइप-1 डायबिटीज की समय रहते पहचान अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रारंभिक लक्षणों को समझकर नियमित जांच कराई जाए तो जटिलताओं से बचा जा सकता है। सिकल सेल रोग के संदर्भ में भी जागरूकता, स्क्रीनिंग और संतुलित आहार को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों को लोक कला के माध्यम से सरल और रोचक रूप में प्रस्तुत किया गया।

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