
ढाका, २४ दिसम्बर ।
बांग्लादेश में अगले साल फरवरी 2026 में राष्ट्रीय चुनाव होने हैं, लेकिन इससे पहले ही देश में डर का माहौल बना हुआ है। ऐसे में बांग्लादेशी पत्रकारों को भी जान से मारने की धमकी मिल रही है। ढाका में पत्रकारों को एक मीडिया हाउस में ही कैद कर लिया गया और उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की गई। बांग्लादेश में 19 दिसंबर को प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के कार्यालयों पर भीड़ द्वारा हमला किया गया. हमलावरों ने तोड़-फोड़ कर आग लगा दी। इस हमले में दो दर्जन से ज्यादा मीडियाकर्मी अंदर फंस गए थे। द डेली स्टार के वरिष्ठ पत्रकार ने बातचीत में बताया कि हमें नहीं लगा था कि हम उस रात जिंदा भी बच पाएंगे। मुझे नहीं लगता है कि हम इस मुसीबत से बाहर निकल गए हैं, आगजनी की घटना तो केवल शुरुआत है। स्टाफ मेंबर्स का कहना है कि आगजनी होने के चलते इमारतें पूरी तरह धुएं से भर गई थीं, जिसके चलते उन्हें जान बचाने के लिए इमारत की छत पर जाना पड़ा। फायरफाइटर्स और आर्मी के लोगों ने इस हमले में करीब 28 लोगों को बाहर निकाला, जिसमें ज्यादातर पत्रकार थे।
प्रेस फ्रीडम ऑर्गेनाइजेशन ने इस घटना के बाद कहा कि ऐसा लग रहा था कि भीड़ पत्रकारों को जिंदा ही जलाना चाहती है। इन लोगों ने आपातकालीन मदद के लिए आई टीमों को भी बचाव करने से रोका। लेकिन इस घटना में सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नेशनल और इंटरनेशनल पब्लिकेशन के एक रिपोर्टर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये लोग हमारे सोशल मीडिया पोस्ट देख रहे हैं, जिससे ये लोग पता लगा सकें कि हम किसके पक्ष में हैं। खासतौर पर अगर आप अल्पसंख्यक हैं और उदारवादी दृष्टिकोण से लिखते हैं, तो आप इन लोगों का निशाना बनाए जा सकते हैं।


















