
पेंटागन , १६ फरवरी ।
ईरानी तेल के अवैध कारोबार पर नकेल कसते हुए अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना ने ‘वेरोनिका ’ नामक तेल टैंकर को बीच समुद्र में रोककर कब्जा कर लिया।अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगाए गए क्वारंटाइन उल्लंघन को रोकने के लिए की गई है। अमेरिकी नौसेना ने इस ऑपरेशन को बेहद सटीकता के साथ अंजाम दिया गया। दरअसल, वेनेजुएला कई वर्षों से अपने तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा था और कच्चे तेल की तस्करी के लिए फर्जी झंडे वाले टैंकरों के एक गुप्त बेड़े पर निर्भर था। राष्ट्रपति ट्रंप ने तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के लिए दिसंबर में प्रतिबंधित टैंकरों को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था, जिसके बाद जनवरी में एक अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था।छापेमारी के बाद कई टैंकर वेनेजुएला के तट से भाग गए, जिनमें वह जहाज भी शामिल था जिस पर रात भर हिंद महासागर में कब्जा कर लिया गया था। अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अमेरिकी सैन्य बलों ने कैरेबियन सागर से एक जहाज का पीछा करने के बाद हिंद महासागर में एक और प्रतिबंधित टैंकर पर चढ़ाई की।
जहाज ने राष्ट्रपति ट्रंप के क्वारंटाइन का उल्लंघन करने की कोशिश की। हमने कैरिबियन से हिंद महासागर तक उसका पीछा किया, दूरी कम की और उसे नष्ट कर दिया। पेंटागन द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में अमेरिकी सैनिकों को टैंकर पर चढ़ते हुए दिखाया गया है। हालांकि, पेंटागन ने अपने पोस्ट में यह नहीं बताया कि वेरोनिका को औपचारिक रूप से ज़ब्त कर अमेरिकी नियंत्रण में लिया गया है या नहीं।अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार, वेरोनिका पनामा के ध्वज वाला एक जहाज है जो ईरान से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंधों के अंतर्गत आता है। टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम ने रविवार को ङ्ग पर पोस्ट किया कि वेरोनिका जहाज 3 जनवरी को वेनेजुएला से रवाना हुआ, उसी दिन मादुरो को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें लगभग 2 मिलियन बैरल कच्चा तेल और ईंधन तेल था।

































