जांजगीर चांपा। बम्हनीडीह ब्लॉक के बिर्रा इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आई हुई है। हर 100 मीटर की दूरी पर एक झोलाछाप डॉक्टर तामझाम के साथ क्लीनिक संचालित कर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं। इतना ही नहीं ग्रामीणों व जागरूक जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं बिर्रा में बंगाली डॉक्टर दीपक विश्वास द्वारा स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के संरक्षण में क्लीनिक खोल डॉक्टर बनकर गंभीर बीमारियों का इलाज करने लगे है,जबकि इनके पास न तो संबंधित योग्यता है और न ही उपचार संबंधी लाइसेंस है। वहीं लम्बे समय से सस्ती दवाई दिलाने के नाम पर गरीबों का इलाज कर रहे हैं, कई बार तो मामला गंभीर हो जाता है। जिसमें मरीजों को गंभीर हालत में शासकीय एवं निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण उस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वही ग्रामीणों ने बताया कि झोलाछाप बंगाली डॉक्टर दीपक विश्वास द्वारा प्रतिबंधित गर्भपात की दवा, बीपी शुगर की दवा, इंजेक्शन सीरिंज और कई कार्टून दवाइयां जिसमें ज्यादातर दवाएं मौसमी बिमारी के साथ सामान्य रोगों के उपचार के लिए उपयोगी है। इस तरह की जीवनरक्षक दवाओं का झोलाछाप डॉक्टर के पास मिलना खतरनाक साबित हो सकता है वहीं दवाईयां का स्टॉक क्लीनिक और घर में रखा रहता है।
बताया जा रहा है कि इसके द्वारा एक्सपायरी दवाई एवं गलत दवाइयों को दिया जाता है और भोले भाले ग्रामीणों से अधिक पैसे लिया जाता है। झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासन स्व द्वारा संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की क जाती है। परंतु आज तक ब्लॉक म बम्हनीडीह क्षेत्र के किसी भी फर्जी है डॉक्टर के विरुद्ध संयुक्त टीम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि इस टीम में स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग की टीम गठित कर जांच की जाती है। आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई कार्रवाई समझ से परे है।