
कोलकाता। बंगाल के बहुचर्चित स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने शिकंजा और कस दिया है। कोलकाता जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कक्षा 11 से 12 के सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले में 57.78 करोड़ की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी की इस कार्रवाई की जद में तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा, मुख्य बिचौलिये प्रसन्न कुमार राय और उनके सहयोगी आए हैं। जब्त की गई संपत्तियों में राजारहाट, न्यू टाउन, पाथरघाटा और हिडको क्षेत्रों के आलीशान अपार्टमेंट, विला और भूमि शामिल हैं।इसके अलावा मुर्शिदाबाद और पूर्व बर्द्धमान जिले में भी संपत्तियां जब्त की गई हैं। जांच में पता चला कि यह संपत्तियां सहायक शिक्षकों की अवैध नियुक्तियों से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई इस जांच में सामने आया कि ओएमआर शीट और व्यक्तित्व परीक्षण के अंकों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था। प्रसन्न कुमार राय ने मुख्य बिचौलिये के रूप में कार्य किया और अयोग्य उम्मीदवारों से करोड़ों रुपये नकद वसूले। इस राशि को शेल कंपनियों और एलएलपी के जटिल नेटवर्क के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। विधायक जीवन कृष्ण को 25 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जांच के अनुसार, साहा ने ग्रुप सी, डी और शिक्षकों की भर्ती के लिए अवैध रूप से धन इक_ा किया और अपने परिवार के नाम पर करोड़ों की संपत्ति बनाई। अब तक 698 करोड़ की जब्ती ईडी अब तक बंगाल भर्ती घोटाले के विभिन्न मामलों (ग्रुप सी, डी, प्राइमरी और सहायक शिक्षक) में कुल 698 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2025 में इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को दूषित मानते हुए 25,753 से नियुक्तियों को रद कर दिया था।तृणमूल कांग्रेस विधायक ने भाजपा कार्यकर्ताओं को जिंदा जलाने की धमकी दी है। बंगाल में मालतीपुर के तृणमूल कांग्रेस विधायक अब्दुर रहीम बक्शी ने इस विवादित बोल से भाजपा पर निशाना साधा है। तृणमूल विधायक ने एसआईआर के कथित भय से मृत मोहम्मद जलील की कब्र की मिट्टी को अपने माथे पर लगाया और विरोध प्रदर्शन में कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को जिंदा जला दिया जाना चाहिए। मोहम्मद जलील की मौत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। विधायक इसी प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे।



















