
रायपुर, 0२ अप्रैल ।
छत्तीसगढ़ में 6,000 करोड़ के महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर दी है। यह एफआईआर18 दिसंबर 2024 को दिल्ली में सीबीआई के इकोनॉमिक ऑफेंस सेक्शन-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इस घोटाले में महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री और कई पुलिस अधिकारियों ने प्रोटेक्शन मनी लेकर इस सट्टेबाजी को संरक्षण दिया।
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज होने के बाद देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की। दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल, और कोलकाता समेत कई स्थानों पर भूपेश बघेल और 60 अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे गए। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा सट्टेबाजी घोटाला है, जिसमें बड़े-बड़े नेता और प्रभावशाली लोग शामिल थे। डिप्टी सीएम अरूण साव ने अहा की महादेव ऐप के जरिए बहुत बड़ा सट्टे का व्यापार हुआ है।