
नई दिल्ली, PTI। नई दिल्ली, PTI। अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड की कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। केयर्न ऑयल एंड गैस ने बुधवार को बताया कि उसे पश्चिमी ऑफशोर में अम्बे गैस फील्ड के नीचे नेचुरल गैस के नए भंडार मिले हैं, जिसे उसने कई साल पहले खोजा था।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने बताया कि यह खोज CB/OSDSF/AMBE/2021 ब्लॉक में एप्रैजल वेल Ambe-2A में हुई है और इसकी जानकारी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन्स (DGH) और तेल मंत्रालय को दे दी गई है। केयर्न ऑयल एंड गैस ने अधिक विवरण दिए बिना कहा, “यह खोज मियोसीन-तारकेश्वर संरचना के भीतर मुख्य गैस क्षेत्र के नीचे जलाशयों में की गई है।”
कंपनी ने कहा कि वह ब्लॉक की क्षेत्र विकास योजना की क्षमता का आकलन करने के लिए मूल्यांकन कर रही है। अंबे ब्लॉक 728.19 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसे सितंबर 2022 में डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (डीएसएफ) बोली के तीसरे दौर के तहत केयर्न को प्रदान किया गया था।
पहले भी कंपनी कर चुकी है खोज
यूके की अपनी पिछली पेरेंट कंपनी केयर्न एनर्जी पीएलसी के तहत, केयर्न ने लगभग दो दशक पहले कैम्बे बेसिन ब्लॉक CB/OS2 में अम्बे डिस्कवरी की थी। उस इलाके का एक हिस्सा DSF-III में बोली के लिए रखा गया था, जिसे केयर्न ऑयल एंड गैस ने जीता। कंपनी ने कहा कि ब्लॉक में कंपनी की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
फर्म ने कहा, “केयर्न चल रहे ड्रिलिंग अभियान के लिए लगातार दो और कुएं खोदने की योजना बना रही है। इस फील्ड में घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाने और भारत की एनर्जी आत्मनिर्भरता में कंपनी के योगदान को आगे बढ़ाने की क्षमता है।” कंपनी ने कहा, “केयर्न ने जारी ड्रिलिंग अभियान की निरंतरता में दो अतिरिक्त कुएं खोदने की योजना बनाई है। इस क्षेत्र में घरेलू गैस उत्पादन को बढ़ाने और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में कंपनी के योगदान को आगे बढ़ाने की क्षमता है।”

























