बिहार की सियासत गरम: गिरफ्तारी, बिगड़ी तबीयत… IGIMS से PMCH में शिफ्ट

पटना, 0७ फरवरी ।
पटना में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। 32 साल पुराने एक मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद न सिर्फ विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, बल्कि सांसद की बिगड़ती सेहत भी पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना रही है। गिरफ्तारी के बाद रात भर चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने इस मामले को कानून से आगे सियासत के केंद्र में ला दिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को ढ्ढत्रढ्ढरूस् लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें क्करूष्ट॥ शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने बीती रात पटना स्थित आवास से सांसद पप्पू यादव को हिरासत में लिया। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। पप्पू यादव ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध भी किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को ढ्ढत्रढ्ढरूस् लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें क्करूष्ट॥ शिफ्ट किया गया। पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव ने दावा किया कि ढ्ढत्रढ्ढरूस् में उन्हें पूरी रात बेड नहीं मिला और स्ट्रेचर पर रखा गया।
इलाज में लापरवाही के आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है। सांसद के समर्थकों और उनके सचिव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नीट छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने की वजह से पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा है।
यहां तक कहा गया कि उनके साथ साजिशन व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि 1995 के मामले में सांसद पहले ही जमानत पर थे। बेल टूटने के बाद पुलिस ने नोटिसों को जानबूझकर दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की गई, जो कानून के खिलाफ है।

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