
जांजगीर-चांपा। जिले के ज्यादातर सरकारी एवं निजी डॉक्टर मरीजों के लिए जेनेरिक दवा लिखने के बजाय ब्रांडेड दवा लिख रहे। ऐसे में मजबूरन मरीज एवं उनके परिजनों को अधिक दामों में दवाई खरीदने की मजबूरी बनी हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर श्री धन्वंतरि जनरल मेडिकल स्टोर्स की शुरूआत की जा चुकी है।
गौरतलब है कि जिले के ज्यादातर सरकारी एवं निजी डॉक्टर अस्पताल में उपचार कराने वाले मरीजों के लिए सस्ती जेनेरिक दवा के बजाय ब्रांडेड दवा लिख रहे हैं। ऐसे में मध्यम एवं गरीब वर्ग से आने वाले मरीज एवं उनके परिजनों के लिए महंगे दामों में ब्रांडेड दवा खरीदना मुश्किल हो जाता है। राज्य शासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा शहरी क्षेत्र में रहने वाले मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोगों को सस्ते दामों में जेनेरिक दवा प्राप्त हो सके इसके लिए जिले के चार नगर पालिका एवं 11 नगर पंचायतों में श्री धन्वंतरी मेडिकल स्टोर की शुरुआत की गई है। इस मेडिकल स्टोर खोलने का प्रमुख उद्देश्य लोगों को कम दामों में सस्ती दवा उपलब्ध करानी है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मरीजों का
उपचार करने वाले डॉक्टर ब्रांडेड दवा लिख रहे हैं, जबकि शासन के आदेश के मुताबिक मरीज एवं उनके परिजनों के लिए जेनेरिक दवा लिखा जाना है, लेकिन इस आदेश का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में इसका लाभ मरीज एवं उनके परिजनों को नहीं मिल पा रहा। जिला मुख्यालय जांजगीर सहित चांपा, सक्ती, अकलतरा, बलौदा, मालखरौदा, बाराद्वार सहित अन्य क्षेत्रों में जेनेरिक दवा दुकान खोला गया है, लेकिन जानकारी एवं डॉक्टरों की लापरवाही के कारण इसका लाभ जरूरतमंद मरीज एवं उनके परिजनों को नहीं मिल पा रहा है। जांजगीर, अकलतरा, सक्ती, बाराद्वार चांपा आदि क्षेत्रों में सरकारी एवं निजी डॉक्टर मरीजों का उपचार करते हैं, लेकिन वे मरीजों के लिए ब्रांडेड दवा लिख देते है, जिसका लाभ मेडिकल दुकान संचालक एवं डॉक्टरों को होता है, लेकिन मरीज इससे महरूम रह जाते हैं। जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ज्यादातर मरीज उपचार कराने के लिए डॉक्टर के मास जाते हैं लेकिन वह जेनेरिक दवा नहीं लिखते हैं।
मेडिकल एवं जेनेरिक दवा के दामों में अंतर
जिले में 800 से अधिक मेडिकल दुकान संचालित है वहीं जेनेरिक दवा दुकानों की संख्या 15 है। मेडिकल एवं जेनेरिक दवा के दामों में काफी अंतर रहता है। मेडिकल में जहां पेरासिटामोल टेबलेट की कीमत 10 रुपया 20 पैसा है जबकि जेनेरिक दवा की कीमत 3 रुपया 9 पैसा है। इसी प्रकार निमो स्लाइड की कीमत मेडिकल स्टोर में 10 रुपया 50 पैसा है वहीं जेनेरिक दवा दुकान में इस दवा की कीमत साथ रुपया 50 पैसा है। डस्टिंग पाउंडर मेडिकल में 116 रुपया है जबकि जेनेरिक दवा दुकान में इसकी कीमत रुपया 8 पैसा है, सेंट्रिजीन 18 रुपया 48 पैसा वहीं जेनेरिक में सात रुपया वो पैसा है। मल्टीविटामिन सिरप की कीमत मेडिकल 169 रुपया है जबकि धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स में इस दवा की कीमत 64 रुपया 22 पैसा, डाइक्लोविन प्लस मेडिकल में रुपया 105 रूपया तो वही जेनेरिक दवा की कीमत 39 रुपया 90 पैसा है। सिनो खत्लोरीन मेडिकल स्टोर में 39 रुपया 75 पैसा तो जेनेरिक दवा की कीमत 15 रूपया 11 पैसे है।