
श्रीनगर। आतंकवाद , घुसपैठ, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से लेकर कानून व्यवस्था की चुनौतियों से निपट रहे अब पुलिस हाईटेक हुई है। अधिकारियों और कर्मियों के लिए जोखिम को न्यूनतम बनाते हुए ऑपरेशनल क्षमता-दक्षता को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक बुलेट प्रूफ वाहन, अत्याधुनिक हथियार व निगरानी उपकरणों के साथ साथ बुलेट प्रुफ जैकेट-पटका भी खरीदा है। यह सारा साजो सामान पुलिस के अत्याधुनिकीकरण प्रक्रिया के तहत खरीदा है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस के अत्याधुनिकीकरण का अभियान चला रखा है। पुलिस विभाग ने आठ हजार से ज्यादा बुलेट प्रुफ जैकेट खरीद हैं। एके-47 और इस जैसे घातक हथियारों से दागी गोलियों से सुरक्षा प्रदान करने में समर्थ बी5 स्तर के 7416 जैकेट हैं। स्टील बुलेट व उससे भी ज्यादा घातक गोलियों को झेलने में समर्थ बी6 स्तर के बैलिस्टिक प्रोटेक्शन की 784 जैकेट हैं। यह जैकेट आतंकरोधी अभियानों में और अत्यंत जोखिमपूर्ण अभियानों मं शामिल अधिकारियों व कर्मियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा ऑपरेशन गतिविधियों के दौरान पुलिस जवानों व अधिकारियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाते हुए उनकी गतिशीलता को बढ़ाने के लिए बी-3 बैलिस्टिक क्षमता के 47, बी2 बैलिस्टिक क्षमता के 15 और बी1बैलिस्टिक क्षमता के 10 बुलेट प्रुफ वाहन वाहन खरीदे हैं। 45 मिनी ड्रोन, 12 डीप सर्च माइन डिटेक्टर और 100 अल्ट्रा वाइड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम भी खरीदे गए हैं।पुलिस के अधिकारी के अनुसार, पुलिस के साजो सामान को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। पुलिस की चुनौतियां अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से अलग हैं, उसे देखते हुए विशेष उपकरण और हथियार खरीदे जा रहे हैं। बदलते परिवेश में पुलिस की कार्यप्रणाली को समर्थ-दक्ष बनाए रखने के लिए आधुनिक उपकरण, बेहतर गतिशीलता और वैज्ञानिक जांच उपकरणों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जवानों व अधिकारियों के मनोबल को उच्च बनाए रखते हुए उनके लिए खतरे को कम करने के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट, पटके और वाहन जरूरी हैं। इनसे लैस जवान व अधिकारी आतंकरोधी अभियानों में और ज्यादा उत्साह के साथ आगे बढ़ते हैं।
















