
फिल्मी दुनिया में कई कलाकार ऐसे होते हैं, जो कैमरे के सामने तो मजबूत दिखाई देते हैं, लेकिन उनके भीतर एक लड़ाई चल रही होती है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर 2 के जरिए चर्चा में आई अभिनेत्री मेधा राणा भी उन्हीं कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने अंदर चल रहे सवालों, असमंजस और आत्मसंदेह की जंग को जीतकर अपने ऊपर भरोसा करना सीखा और इस मुकाम तक का सफर तय किया। मेधा राणा ने कहा, साल 2022 से लेकर अब तक उनके भीतर सबसे बड़ा बदलाव आत्मस्वीकृति और आत्मविश्वास का रहा है। शुरुआत में मैं खुद को लेकर बहुत उलझन में रहती थीं। मुझे अक्सर लगता था कि शायद मैं इस इंडस्ट्री के लिए बनी ही नहीं हूं। ऐसे विचार मुझे भीतर से कमजोर बनाते थे और आगे बढऩे में बाधा भी बनते थे।
उन्होंने कहा, जब मैंने मनोरंजन जगत में काम करना शुरू किया, तो शुरुआती दिन बेहद कठिन थे। मैं लगातार खुद पर शक करती थी और अपने फैसलों को लेकर आश्वस्त नहीं थी। इस असमंजस से बाहर निकलने में मुझे काफी समय लगा। इंडस्ट्री को समझना, अपने आप को पहचानना और हालात को स्वीकार करना एक लंबी सीख की प्रक्रिया रही।
मेधा ने कहा, मैंने अपने आप से लडक़र खुद को पाया है। अब मैं खुद को पहले से ज्यादा स्वीकार करने लगी हूं। मैं अपनी कमियों और खूबियों दोनों को समझती हूं और उन्हें लेकर सहज हूं। यही स्वीकार्यता मेरे आत्मविश्वास की सबसे बड़ी वजह बनी है।
मेधा राणा ने कहा, फिल्म बॉर्डर 2 मेरे करियर का एक अहम मोड़ साबित हुई है। इस फिल्म का हिस्सा बनने के बाद और दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया ने मेरे भीतर एक नया भरोसा पैदा किया। जब किसी कलाकार को उसके काम के लिए सराहना मिलती है, तो वह खुद पर यकीन करने लगता है। बॉर्डर 2 के अनुभव ने मुझे यह एहसास दिलाया कि मैं अपने हुनर में सक्षम हूं और मेहनत रंग ला सकती है।
उन्होंने कहा, अब मैं खुद को लेकर ज्यादा आश्वस्त महसूस करती हूं। अपने अभिनय कौशल और फैसलों पर मेरा भरोसा बढ़ा है। यह आत्मविश्वास मेरे जीवन की अब तक की सबसे बड़ी ग्रोथ है, जो मुझे आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।

























