
मुजफ्फरपुर, २७ अगस्त ।
एमआइटी (मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी) में रैगिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक बार फिर 2024 में नामांकित सीनियर छात्रों ने इस वर्ष नामांकित छात्रों के साथ मारपीट, गालीगलौच करते हुए रैगिंग की है।जूनियर छात्रों की शिकायत और चेहरा पहचान के आधार पर कालेज की एंटी रैगिंग समिति ने जांच के बाद विभिन्न ब्रांचों के छह विद्यार्थियों को संस्थान से निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया है। वहीं पहचान के आधार पर 30 से अधिक छात्रों के अभिभावकों को भी कालेज प्रशासन की ओर से नोटिस भेजा जाएगा। इसमें उन्हें उपस्थित होकर समिति के सदस्यों के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इसको लेकर कालेज प्रशासन की ओर से मंगलवार की शाम निर्देश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि सोमवार को आधी रात में अनुशासनहीनता की घटना हुई है।
2025 के छात्रों की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर एंटी रैगिंग समिति की बैठक हुई है। जांचोपरांत समिति की ओर से निर्णय लिया गया कि छह छात्रों को संस्थान से निलंबित करते हुए छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। इसमें सिविल, आइटी, लेदर टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रिकल के एक-एक और कंप्यूटर साइंस से दो छात्र शामिल हैं। दूसरी ओर कालेज प्रशासन की ओर से बायोमीट्रिक इंचार्ज को भी आदेश दिया गया है कि वे इन निलंबित किए गए विद्यार्थियों की बायोमीट्रिक आइडी तत्काल प्रभाव से लंबित करें।
चीफ वार्डन को निर्देश दिया गया कि निलंबित छात्रों को छात्रावास खाली करने का निर्देश जारी कर इसे सुनिश्चित कराएं। निर्धारित अवधि में छात्रावास खाली कराने की जवाबदेही भी उन्हें दी गई है। संस्थान की अनुशासन और एंटी रैगिंग समिति के निर्णय लिए जाने तक छात्रों का निलंबन जारी रहेगा।सीनियर छात्रों ने देर रात जूनियर छात्रों के मोबाइल पर काल कर उन्हें मैदान में बुलाया और चार बजे तक वहां जबरन बैठाए रखा। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच, मारपीट कर सिगरेट पिलाई और बाल खींचे। कई अपशब्द भी कहे।इस दौरान जूनियर छात्रों ने घटनाक्रम की कुछ धुंधली तस्वीर भी खींची है। उन्हें जब छोड़ा गया तो छात्रावास पहुंचे और रोते हुए इसकी जानकारी शिक्षकों को दी। इसके बाद कालेज प्रशासन की ओर से इसकी लिखित शिकायत करने व आरोपितों की पहचान की बात कही गई।आवेदन पर छात्रावास में रहने वाले जूनियर छात्रों ने हस्ताक्षर भी किए हैं। इसके बाद शिक्षकों की उपस्थिति में आरोपितों की पहचान की गई है। जूनियर ने करीब 30 से अधिक सीनियर छात्रों का चेहरा पहचाना है।बताया गया कि आरोपित छात्र अक्सर मोबाइल से धमकी देते हुए जूनियर को बुलाते थे। इसके बाद अन्य साथियों के साथ मिलकर रैगिंग करते थे। निलंबित किए गए विद्यार्थियों के मोबाइल से काल डिटेल निकाली गई है।इसमें कई बार जूनियर को फोन करने का रिकार्ड मिला है। अलग-अलग समय में सीनियर कभी एक्सचेंज गेट की तरफ तो कभी फील्ड से लेकर चाय दुकान पर बुलाकर रैगिंग करते थे।इससे पहले कैंपस में 18 अगस्त को भी रैगिंग की घटना हुई थी। इसमें जूनियर छात्रों पर भोजपुरी के अश्लील गीतों को गाने का दबाव बनाया गया। इन्कार करने पर सडक़ पर ही टीशर्ट उतरवा दी।शिक्षिका पर अश्लील कमेंट करने के लिए धमकी दी। छात्र ने रैगिंग की शिकायत यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल से की। इसमें दर्जनभर छात्रों की पहचान हुई है। इसकी जांच चल रही है। एमआइटी में एमटेक की छात्रा ने दो बीटेक छात्रों पर उत्पीडऩ करने, आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत छात्रा ने कालेज के प्राचार्य से की है।छात्रा ने कहा है कि बीटेक के ईसीई ब्रांच के दो छात्रों ने सोमवार को बदसलूकी की है। छात्रा का आरोप है कि आरोपितों ने उसपर हमला करने के लिए आक्रामक तरीके से व्यवहार किया। इससे वह डरी हुई है। उसने कहा कि यह यूजीसी के एंटी रैगिंग नियम का उल्लंघन है। छात्रा ने प्राचार्य से जांच कराते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि एमटेक के विद्यार्थी संस्थान में खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।