
कोरबा। तीन करोड़ 33 लाख 33 हजार राम नाम लेखन के निर्धारित लक्ष्य से भी कहीं ज्यादा संख्या में कोरबा जिले के लोगों ने राम नाम को अंकित किया है। अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर के द्वितीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इस अभियान को हाथ में लिया गया। तीन लाख ऐसी पुस्तकों को अयोध्या भिजवाने के लिए श्रीराम श्रद्धा सेतु यात्रा 12 जनवरी को शुरू होगी। इसे लेकर युवाओं में काफी उत्साह है।कोरबा से सुबह 9 बजे भक्तों का कारवां अयोध्या के लिए रवाना होगा। कुछ क्षेत्रों के राम भक्त जमनीपाली एनटीपीसी गेट होते हुए कटघोरा पहुंचेंगे। गोपालपुर के आगे सडक़ सुधार के कारण इस रास्ते को डायवर्ट किया गया है। बताया गया कि स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस पर सुबह 10.30 बजे कटघोरा के मेला ग्राउंड में एकत्रीकरण और पंजीकरण के बाद 11.15 से 12.45 तक युवा सम्मेलन होगा। दोपहर भोजन के बाद 2 बजे 500 बाइक में युवा और दो अन्य वाहनों में राम नाम लेखन पुस्तिका एवं कोरबा से अयोध्या के बीच की व्यवस्थाओं को देखने वाली टीम शामिल होगी। बताया गया कि कटघोरा से प्रस्थान के बाद मोरगा में 20 मिनट के अल्प विश्राम के बाद रात्रि 8 बजे श्रद्धालु अंबिकापुर पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। 13 जनवरी को सुबह 7.15 बजे जलपान होगा और 8 बजे वाराणसी के लिए उनकी रवानगी होगी। दोपहर 1 बजे यूपी के मुर्धवा मोड़ में भोजन और सुकृत मिर्जापुर में अल्प विश्राम के बाद शाम 7 बजे ये सभी वाराणसी में होंगे। यहां इनका रात्रि विश्राम होगा। 14 जनवरी को 6 बजे जलपान के बाद 7 बजे अयोध्या के लिए रवानगी होगी। आयोजन समिति की ओर से बताया गया कि जो समय सारिणी तय की गई है उसके अंतर्गत इसी दिन दोपहर 12 बजे अयोध्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज होगी। दोपहर ढाई बजे भोजन के बाद 3.30 बजे रामलला के दर्शन होंगे। इसी कड़ी में राम नाम लेखन पुस्तिकाएं पूजा अर्चना के साथ समर्पित की जाएगी। रात्रि विश्राम के साथ 9 बजे परिचय सत्र होगा। 15 जनवरी को अयोध्या से सुबह 7.15 बजे जलपान के बाद यह कारवां रेणुकूट के लिए प्रस्थान करेगा। जौनपुर में दोपहर भोजन के बाद 7 बजे इनकी रेणुकूट में उपस्थिति और रात्रि विश्राम तथा अगले दिन ये कोरबा में होंगे। कोरबा में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु 700 किमी की यात्रा पर जा रहे हैं, वह भी दोपहिया से। जनवरी महीने में सडक़ सुरक्षा अभियान कोरबा सहित सभी जिलों में चल रहा है इसलिए श्रीराम श्रद्धा सेतु यात्रा के आयोजकों ने इसे गंभीरता से लिया। बताया गया कि सडक़ सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोपहिया के सभी चालक और सहयात्री के लिए हेलमेट को अनिवार्य किया गया है।

























