CBI अदालत बिल्डरों-बैंकों के गठजोड़ पर आरोपपत्र को लें संज्ञान’, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष सीबीआइ अदालत को निर्देश दिया कि वह एनसीआर में घर खरीदारों को ठगने के लिए बैंकों और बिल्डरों के बीच अनैतिक गठजोड़ के संबंध में सीबीआइ द्वारा दाखिल तीन आरोपपत्रों का दो सप्ताह के भीतर संज्ञान ले और मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ाए। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ को सीबीआइ की ओर से मामले में पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा घर खरीदारों के सभी 25 मामलों में मार्च तक जांच में काफी प्रगति की जाएगी।

पिछले साल जुलाई में कोर्ट ने सीबीआइ को एनसीआर में घर खरीदारों को सब्सिडी योजना का उपयोग करके धोखा देने के लिए बैंकों और बिल्डरों के बीच अनैतिक गठजोड़ के संबंध में 22 मामले दर्ज करने की अनुमति दी थी। इस योजना के तहत बैंक स्वीकृत ऋण राशि सीधे बिल्डरों के खातों में भेजते हैं, जिन्हें फ्लैट खरीदारों को सौंपे जाने तक उस राशि पर मासिक किश्तें चुकानी होती हैं।

बिल्डरों द्वारा किश्तों का भुगतान न कर पाने के बाद, बैंकों ने त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार घर खरीदारों से पैसे की मांग की। मंगलवार को 1,200 से अधिक परेशान घर खरीदारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने भाटी और न्याय मित्र राजीव जैन की दलीलों पर ध्यान देने के बाद नए निर्देश पारित किए।

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