
कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोयलांचल हरदीबाजार एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की रडार पर है। SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) क्षेत्र के चर्चित मलगांव मुआवजा प्रकरण में CBI की टीम ने सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह अचानक दबिश देकर हलचल मचा दी। इस कार्रवाई के बाद उन सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने कागजों में हेरफेर कर करोड़ों का फर्जी मुआवजा डकार लिया है।
दस्तावेजों की जांच में जुटी टीम, घेरे में कई रसूखदार
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह CBI की टीम हरदीबाजार थाना क्षेत्र पहुँची और संबंधित दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। यह पूरा मामला SECL से गलत तरीके से मुआवजा राशि स्वीकृत कराने और उसे निकालने से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि यह जांच पिछले एक साल से चल रही थी, लेकिन बुधवार की अचानक हुई इस एंट्री ने स्पष्ट कर दिया है कि CBI अब अंतिम कार्रवाई के मूड में है।
एक साल की जांच के बाद बढ़ी सख्ती
मलगांव मुआवजा प्रकरण में शुरू से ही भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि राजस्व विभाग और SECL के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से अपात्र लोगों को जमीन का मालिक बताकर भारी-भरकम राशि का भुगतान किया गया। CBI अब उन बैंक खातों और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है, जिनके जरिए काली कमाई का बंटवारा हुआ।
भ्रष्टाचारियों में खलबली, बड़े खुलासे की उम्मीद
CBI की इस सक्रियता से कोयलांचल में अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वाले गिरोह में खलबली मची हुई है। सूत्रों का कहना है कि जांच की आंच कई सफेदपोशों और बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकती है। फिलहाल टीम की कार्रवाई जारी है और माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
























