
जांजगीर चांपा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय चांपा में स्वर्गीय समास सेवी पद्मश्री डॉक्टर दामोदर गणेश बापट जी की छठवीं पुण्यतिथि मनाई गई जिसमें स्थानीय नेताओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिए। इस मौके पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामप्रकाश केशरवानी सहकार भारती प्रदेश कोषाध्यक्ष ने कहा कि स्वर्गीय दामोदर गणेश दास जी बापट ने कुष्ठ रोगियों के बीच रहकर केवल समाज सेवा का कार्य ही नहीं किए हैं बल्कि उनके बीच रहकर उन्हें रोजगार से भी जोडऩे का काम किए हैं उन्होंने आरएसएस में रहकर पार्टी गतिविधियों को ही आगे नहीं बढ़ाया अपितु उन्होंने अपने घर परिवार एवं समस्त कारोबार को छोडक़र दीन दुखियों के बीच में रहना उचित समझा । जिसके कारण इन कुष्ठ रोगियों के मनोबल में इजाफा हो सका और स्व बापट जी का जीवन भी समाज सेवा में ही निकल गया । ऐसे महापुरुष को हमेशा याद करते रहना चाहिए तथा उनके जीवन में किए गए कार्यों के को अनुसरण करने की आवश्यकता है
कार्यक्रम के अध्यक्ष कर रहे नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव ने कहा कि जिस व्यक्ति के जीवन में कुष्ठ रोग जैसी बीमारी हो जाने से उनके घर वाले जिनको छोड़ देते हैं ऐसे लोगों की सेवा करने के लिए बापट जी ने आगे आकर उनका हाथ थामा और पूरा जीवन उनके बीच रहकर उनकी सेवा की है। स्व बापट जैसे लोग इस दुनिया में विरले होते हैं जो दूसरों की पीड़ा को समझ कर सेवा भाव से आगे जाकर कार्य करते हैं
इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य अश्वनी कश्यप ने कहा कि बापट का जीवन हम सबके लिए प्रेरणादाई है जिन्होंने जीवन में केवल समाज सेवा को ही प्रमुख कार्य के रूप में चुना था। कार्यक्रम के शुभारंभ में स्वर्गीय बापट जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि की गई तथा दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर गोविंद मिश्रा, ललित देवांगन, प्रमोद देवांगन, ओमप्रकाश केसरवानी, संजय देवांगन, प्रांशु केसरवानी,कान्हा केशरवानी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे