
बहराइच। कोरोना महामारी के कारण छह साल की देरी से होने वाली जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गणना इस बार पारंपरिक कागजों के बजाय पूरी तरह डिजिटल होगी। पिछले हफ्ते लखनऊ से आए दो प्रशिक्षक जिले के अधिकारियों को प्रशिक्षित भी कर चुके हैं। पहले चरण में घरों की गणना की जाएगी। हर घर को एक यूनिक पहचान मिलेगी। पहली बार जनगणना में हर घर को एक विशिष्ट डिजी डाट टैग दिया जाएगा, जो भविष्य में मकान की डिजिटल पहचान बनेगा। पूरी प्रक्रिया दो चरणों में होगी। प्रथम चरण में घरों की गणना 22 मई से 20 जून तक चलेगी। इसमें मकानों की स्थिति और सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। द्वितीय चरण में जनगणना एक फरवरी 2027 से शुरू होगी, जिसमें परिवार के सदस्यों की विस्तृत जन सांख्यिकीय जानकारी जुटाई जाएगी। जनगणना के लिए प्रगणक घर-घर जाकर कुल 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे। यदि नागरिक प्रगणक के आने का इंतजार नहीं करना चाहते तो पोर्टल पर स्व-गणना का विकल्प भी है। दोनों चरणों के शुरू होने से 15 दिन पहले पोर्टल खोला जाएगा, जहां नागरिक अपना और परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे।
भविष्य में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और डाक सेवाओं को घर ढूंढने में आसानी होगी। एक ही मकान की दो बार गणना (डुप्लीकेसी) की गुंजाइश खत्म होगी। वहीं इससे बिजली, पानी और सीवर आदि सुविधाओं की योजना में सटीक डेटा मिलेगा। जनगणना में पहली बार इस्तेमाल होने वाला डिजी डाट डिजिटल नंबर या स्मार्ट टैग है। यह आपकी भौगोलिक स्थिति को घर के पते से जोड़ देगा। यह यूनिक डिजिटल आईडी होगी जो हर मकान को आवंटित की जाएगी। प्रगणक मोबाइल एप से घर की लोकेशन लाक करेंगे, जिससे मैप पर एक डिजिटल बिंदु (डाट) बन जाएगा।
























